खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा की प्रताड़ना से तंग आकर दुध व्यापारी ने की प्रेसवार्ता,

खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा की प्रताड़ना से तंग आकर दुध व्यापारी ने की प्रेसवार्ता, लादूराम बोले न्यायालय के आदेष पर भी प्लांट की सील नही खोल रहे मिश्रा, सील खोलने के मांग रहे है 15 लाख रूपये, यदि मुझे न्याय नही मिला तो परिवार सहित कर लूंगा आत्महत्या

नीमच। भ्रश्ट अधिकारी संजीव मिश्रा का एक ओर कारनामा आज उजागर हुआ है। रामपुरा के दुध व्यापारी लादुराम गुर्जर के प्लांट से सील खोलने के नाम पर जबरन 15 लाख रूपये की डिमांड की जा रही है। जिसको लेकर आज षाम किलेष्वर माहदेव मंदिर परिसर में पीड़ित व्यापारी द्वारा प्रेसवार्ता रखी गई। जिसमें लादुराम गुर्जर ने बताया कि दिनांक 23 अक्टूबर 2019 को खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा ने रामपुरा के ग्राम दुधलई स्थित महावीर दूध डेयरी के प्लांट पर कार्रवाई की थी। कार्रवाई में अधिकारी मिश्रा ने ही दुध के सेम्पल में डिटर्जेंट पॉउडर मिलाकर उसे सिंथेटिक बनाया और दूध के सेंपल लिए गए थे और इसलिए मिश्रा ने सेंपल की रिपोर्ट आने से पूर्व ही दूध को सिंथेटिक बता दिया था। एक्ट के विपरित जाकर प्लांट मुझ संचालक को बिना किसी सूचना के ही सारा दुध मिश्रा ने मौके से लेकर नश्ट कर दिया था साथ ही डेयरी प्लांट को सील भी कर दिया था। बाद में मुझ पीडित के खिलाफ रसुका की कार्रवाई की गई। तीन माह तक इंदौर केंद्रीय जेल में मैं बंद रहा। इस मामले में मैने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने दिनांक 16 जनवरी 2020 को दूध डेयरी प्लांट की सील खोलने के आदेश जारी किए। लेकिन संजीव मिश्रा ने आदेष के एक माह बाद तक उक्त प्लांट की सील नही खोली। जब मुझ पीड़ित ने कोर्ट में दुबारा सील खुलवाने की गुंहार लगाई, तब आनन-फानन में संजीव मिश्रा 14 फरवरी 2020 की दोपहर करीब 1 बजे ग्राम दुधलई स्थित दूध डेयरी प्लांट पर सील खोलने पहुंचे। लेकिन वहां भी संजीव मिश्रा की नियत में घोट थी। न्यायालय के आदेष के बाद महज दिखावे के लिए प्लांट के मुख्य गेट की सील खोल दी गई, जबकि प्लांट के अंदर बंद मषीनरी की सील उन्होने नही खोली। अंदर रखे कोल्ड स्टोर सहित तीन स्थानो पर लगी सील को संजीव मिश्रा ने नही खोला। सील खोलने के बदले उन्होने प्लांट मुझ पीडित से 15 लाख की डिमांड भी की।
अगर न्याय नही मिला तो कर लूंगा आत्महत्या
पीड़ित व्यापारी लादूराम गुर्जर ने भ्रश्ट खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा की प्रताड़ना से तंग आने के बाद आज प्रेसवार्ता में अपना दुख बयां करते हुए कहां कि यदि मुझे अब भी न्याय नही मिलता है और संजीव मिश्रा पर कठोर कार्रवाई नही होती है तो में मिश्रा की प्रताड़ना ओर सहन नही कर सकता। मैं और मेरा परिवार संजीव मिश्रा के कारण आत्महत्या कर लेंगे।
न्यायालय का यह था आदेष-
16 जनवरी 2020 को सुबह 11 बजे दूध डेयरी की सील खोलकर मालिक की सुपुर्दगी में देने के आदेश हाईकोर्ट ने जारी किए थे। इस आदेश को जारी हुए करीब 20 माह हो गए है, लेकिन अभी तक उक्त डेयरी प्लांट के अंदर सील नहीं खोली गई है। डेयरी संचालक लादूराम गुर्जर ने आरोप लगाया है कि खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी मिश्रा द्वारा सील खोलने के बदले 15 लाख रूपए की मांग की जा रही है। प्रायवेट व्यक्तियों को उनके पास भेजकर रिष्वत मांगी जा रही है। लादूराम गुर्जर ने इस मामले की शिकायत कर दोषी मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
20 माह में 50 लाख का नुकसान-

पीडित गुर्जर ने बताया कि दूध डेयरी की सील खोलने के आदेश को जारी हुए 20 माह हो गए है। अब तक करीब 50 लाख का नुकसान हो चुका है। रिष्वत नहीं देने के कारण मिश्रा दूध डेयरी प्लांट की मषीनरी की सील नहीं खोल रहे है।

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