महाराष्ट्र के नांदेड़ में पकड़ाई नशे की फैक्ट्री के मामले में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच

इंदौर। पिछले दिनों महाराष्ट्र के नांदेड़ में पकड़ाई नशे की फैक्ट्री के मामले में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच की आंच मध्यप्रदेश तक पहुंच चुकी है। एनसीबी मुंबई और इंदौर की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंदसौर से ड्रग्स कारोबार के सरगना सद्दाम अजमेरी को गिरफ्तार किया है। नांदेड जिले के कामथा में नशे की फैक्ट्री पर छापेमारी के बाद एनसीबी को उसका सुराग मिला था। इसके बाद उसे घेराबंदी कर मंदसौर से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले एनसीबी मुंबई की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नांदेड में छापा मारकर नशे की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। छापेमारी के दौरान 111 किलो पॉपी स्ट्रॉ (अफीम का फूल), 1.4 किलो तैयार अफीम, 1.55 लाख रुपए नकद और दो पिसाई की मशीने जब्त की गईं थी। इन मशीनों के जरिए अफीम के बीज पीसकर नशे की खेप तैयार की जाती है। छापेमारी के दौरान पैसे गिनने की मशीन भी बरामद की गई है। बरामद कुल नशे की खेप की कीमत दो करोड़ रुपए है। नांदेड में छापेमारी के दौरान हरदयाल सिंह काटोडिया, जीवन सिंह चोपड़ा और जितेंद्र सिंह भुल्लर को गिरफ्तार किया गया था। इनसे पूछताछ में मिली जानकारी के बाद ही एनसीबी ने मध्यप्रदेश में ड्रग्स तस्करों के कुछ ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की है। एनसीबी सूत्रों के मुताबिक नशे की जिस फैक्ट्री पर छापा मारा गया था, वहां मंदसौर से अफीम सप्लाई होने की जानकारी मिली थी। पॉपी स्ट्रॉ का इस्तेमाल हेरोइन बनाने के लिए किया जाता है। अफीम के पौधे के दूसरे हिस्सों का इस्तेमाल भी नशे की खेप तैयार करने के लिए किया जाता है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के और भी ड्रग्स तस्करों के ठिकानों पर भी एनसीबी की टीम कार्रवाई कर सकती है।

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