यूक्रेन में फंसे छोटी सादड़ी के विद्यार्थी….

छात्रा ने वीडियो जारी कर सरकार से लगाई मदद की गुहार, बोली- 17 किलोमीटर पैदल चलकर पोलैंड बॉर्डर पहुंचे, खाने-पीने का सामान भी हुआ खत्म

प्रतापगढ़।
छोटी सादड़ी के एक परिवार ने अपनी बेटी और बेटे को यूक्रेन से भारत वापसी को लेकर सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना से गुहार लगाइ है। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध का आज तीसरा दिन है। छोटी सादड़ी की मेघना राठौड़ करीब 5 साल से और उसका भाई मेहुल एक साल से यूक्रेन में रह रहे हैं। दोनों भाई-बहन एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
मेघना ने जारी वीडियो में यह भी कहा यूक्रेन के शासन से जब हमने बात की तो उनके अफसरों का कहना है कि आपकी सरकार हमारी हेल्प नहीं कर सकती तो, हम आपकी हेल्प क्यों करें। आपको अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ेगी। खुद ही अपने स्तर पर घर जाना पड़ेगा। जैसा हमको बोला गया वैसा ही हमने इनकी गाइडलाइन को फॉलो किया गया। हम करीब 17 किलोमीटर पैदल चलकर बॉर्डर पर पहुंचे और फिर हमें यहां पर मना कर दिया गया। यहां पर अभी दोनों तरफ से युद्ध जारी है।

पिता की गुहार- सरकार वापस लाए बच्चे-
मेहुल और मेघना के पिता ने प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और भारत सरकार से अपील की है कि मेरे दोनों बच्चे भरत वापसी के लिए भारत दूतावास की अपील पर रात में पोलैंड के क्रॉसिंग बॉर्डर पर रवाना हुए। वहां जाकर मेरे दोनों बच्चे फंस गए हैं। दोनों बच्चों की सुरक्षा को लेकर मेरा परिवार काफी तनाव में है। मेघना और मेहुल के पिता राजेंद्र राठौड़ ने कहा है वहां पर उनके पास खाने-पीने का सामान भी नहीं बचा है।

पोलैंड बॉर्डर से भेजेंगे भारत-
पोलैंड बॉर्डर से मेघना राठौड़ ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा पहले हमें एमबीसी ने कहा आप पोलैंड बॉर्डर पर आ जाओ हम आपको यहां से इंडिया भेजेंगे। जब हम पोलैंड बॉर्डर पहुंचे तो वहां से हमें साफ मना कर दिया गया, आपको आपके घर भेजने के लिए अभी हमारे पास में कोई आगे से मैसेज नहीं आया है। पोलैंड की बॉर्डर पर वर्तमान में -5 डिग्री का तापमान है हमारे पास खाने-पीने की सामग्री भी खत्म हो चुकी है।

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