गांधी सागर से होगी 65 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित बजट में रामपुरा-मनासा उद्वहन सिंचाई परियोजना की स्वीकृति

मनासा को मिला अपना हक, गांधी सागर से होगी 65 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित,बजट में रामपुरा-मनासा उद्वहन सिंचाई परियोजना की स्वीकृति,विधायक मारू के भागीरथ प्रयास,विधानसभा में उठाई थी आवाज, डीपीआर का स्वयं अवलोकन भी किया था

मनासा। करीब 62 वर्ष से जिस गांधीसागर के पानी से हम वंचित थे। उसका लाभ अब हमें मिलेगा। बजट में रामपुरा-मनासा उद्वहन सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मिल गई है। करीब1209 करोड़ रूपए की लागत से उक्त योजना का काम होगा और करीब 65 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। मनासा सहित जावद व नीमच के 215 गांव के करीब 80 हजार किसानों को सिंचाई योजना को लाभ मिलेगा। यह सब संभव हुआ। विधायक अनिरुद्ध (माधव) मारू के भागीरथ प्रयास से। मारू ने इसके लिए विधानसभा में आवाज उठाई। भोपाल मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा व जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से भेंट की। वही स्वयं भोपाल ईएनसी कार्यालय पहुँच स्वयं योजना की डीपीआर बनाई ओर उसका अवलोकन किया। आज उसी का नतीजा है। बजट में उक्त योजना मंजूरी मिली है। मनासा विधानसभा क्षेत्र की ”रामपुरा-मनासा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना“ एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना हैं। इसकी स्वीकृति से करीब 65 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और रामपुरा, मनासा व नीमच के करीब 215 गांव के करीब 80 हजार किसानों को सिंचाई योजना को लाभ मिलेगा। स्थानीय जलसंसाधन विभाग ने करीब 1209 करोड़ की डीपीआर तैयार की। विधायक मारू उक्त योजना की स्वीकृति के लिए लंबे समय से प्रयासरथ थे। जब भी भोपाल प्रवास पर रहते। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से भेंट कर मनासा-रामपुरा उद्वहन सिंचाई योजना की स्वीकृति की चर्चा करते। विभागीय अधिकारियों से उक्त योजना की समीक्षा करते। आज विधायक मारू का प्रयास रंग लाया और क्षेत्र वासियों को महत्वपूर्ण सौगात मिली हैं। स्वयं भोपाल पहुँच किया था अवलोकन 24 दिसंबर को विधायक मारू को जब यह पता चला मनासा-रामपुरा उदवहन सिंचाई परियोजना का प्रकरण जलसंसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता बोधी कार्यालय भोपाल लंबित है तो वहां जा पहुचे ओर प्रमुख अभियंता जेपी सोनी से मुलाकात की। इतना ही नही विभाग के नीमच ईएनसी मदन दावर, मनासा विभागीय एसडीओ हिमांशु भाभोर को बोधी कार्यालय बुलाया और स्वयं परियोजना का अवलोकन किया ओर पूरी योजना की जानकारी ली और परियोजना स्वीकृति में आ रही परेशानी से प्रमुख अभियंता श्री सोनी को अवगत कराया। विधानसभा में उठाई थी आवाज मनासा को गांधीसागर का पानी मिले और हमें हमारा हक मिले इसकी गुंज विधानसभा में भी सुनाई दी थी। विधायक मारू ने विधानसभा में यह विषय प्रमुखता से रखा था। विधानसभा में विधायक मारू ने कहा था एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील (गांधीसागर बांध) जो पूरा मनासा विधानसभा से लगा हुआ हैं। मनासा विधानसभा की सबसे अधिक करीब 34 हजार हेक्टेयर भूमि बांध निर्माण दी हैं करीब 150 गांव विस्थापित हुए। किसानों को अपनी संपति और गांव छोडकर जाना पड़ा लेकिन आज तक मनासा विधानसभा और नीमच जिले को उसका कुछ लाभ नहीं मिला हैं। त्कालिन सरकार ने गांधी सागर का पानी राजस्थान को दिया लेकिन कितना दुर्भाग्य हैं करीब 1962 में बांध बना आज करीब 58 साल बाद भी गांधीसागर बांध से नीमच जिला को लाभ लेने से वंचित रखा जा रहा हैं। जिस क्षेत्र और जिस जमीन पर बांध निर्माण हुआ उस क्षेत्र को उसका कोई लाभ नहीं मिलना इससे दुर्भाग्यपूर्ण बात ओर कोई हो नहीं सकती हैं। तब से विधायक मारू मनासा-रामपुरा उद्धवन सिंचाई परियोजना स्वीकृति कराने में लगे थे। आज विधानसभा की गुंज हम सबके लिए वरादान साबित हुई। हमें हमारा हक मिला और मनासा को महत्वपूर्ण सौगात मिली मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री का आभार माना विधायक माधव मारू ने महत्वपूर्ण स्वीकृति पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, प्रभारी मंत्री उषा ठाकुर, कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, सांसद सुधीर गुप्ता, नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार का अभार माना। विधायक मारू ने कहा भाजपा सरकार किसानों की सरकार है। रामपुरा मनासा उद्धवहन सिंचाई परियोजना की स्वीकृति में सभी का भरपुर सहयोग मिला। सभी का धन्यवाद आभार। क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात की बधाई शुभकामनाएं।

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