थाने में रिश्वत ले रहे प्रधान आरक्षक को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा

भिंड, 18 मई। भिंड के मालनपुर थाने में ₹20000 की रिश्वत ले रहे प्रधान आरक्षक को ग्वालियर की लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। धारा 307 के एक मामले में यह रिश्वत ली जा रही थी। प्रधान आरक्षक का नाम मनीष पचौरी बताया गया है।

दरअसल भिंड के मालनपुर इलाके में हनुमान चौराहे पर रहने वाले विकास जाटव ने लोकायुक्त ग्वालियर में इस बात की शिकायत की थी कि मालनपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष पचौरी द्वारा उससे 20000 रुपय रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने तुरंत इस पर एक्शन लिया और प्रधान आरक्षक मनीष पचौरी को पकड़ने की योजना बना ली।
थाने में जैसे ही रिश्वत ली, लोकायुक्त ने पकड़ लिया
लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर फरियादी विकास जाटव को ₹20000 दिए। विकास जाटव योजना के तहत मालनपुर थाने पहुंचा और रिश्वत के रुपए प्रधान आरक्षक मनीष पचौरी को देने लगा। मनीष पचौरी ने जैसे ही रुपए लिए तो वहां मौजूद लोकायुक्त की टीम ने तुरंत मनीष पचौरी को अपनी हिरासत में ले लिया और कार्रवाई शुरू कर दी।
धारा 307 के मामले में बचाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
विकास जाटव ने जानकारी देते हुए बताया कि धारा 307 के मामले में बचाने के एवज में प्रधान आरक्षक मनीष पचौरी ने उससे रिश्वत की मांग की थी। मेमो से नाम हटाने के बदले यह रिश्वत ली जा रही थी। विकास जाटव मुरैना में शासकीय स्कूल में शिक्षक के पद पर पदस्थ है।
पहले भी पुलिस कर्मियों द्वारा रिश्वतखोरी के कई मामले आ चुके हैं सामने
भिंड में पुलिस कर्मियों द्वारा रिश्वत लेते हुए के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। लोकायुक्त की टीम भिंड में कई बार पुलिस कर्मियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ चुकी है। आरक्षक से लेकर टीआई तक को लोकायुक्त की टीम रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर चुकी है। फूप थाने में पदस्थ रहते हुए टी आई जेएस यादव को भी रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने पकड़ा था। इसके अलावा एएसआई सुभाष पांडे भी रिश्वत लेते समय लोकायुक्त के चंगुल में आ गए थे।

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