अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर चिताखेड़ा में चल रही गूंगो बहरों की सरकार, समस्या पर कोई सुनने वाला नहीं, स्वच्छता की उड़ रही धज्जियां


चीताखेडा। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में स्वच्छता अभियान चला कर कई महानगरों, शहर एवं गांव में स्वच्छता अभियान से आम जनता में जागरूकता पैदा कर रहे है। जबकि प्रधानमंत्री की योजना को खुली चुनौती देते हुए योजना को धुल चटाते हुए अपनी ही ओछी मानसिकता एवं जनविरोधी नितियों पर चलते हुए गांव का प्रधान एवं सचिव ही जनता के लिए सबसे बडी समस्या बन जाय तो प्रजा अपना दुखड़ा किसको सुनाएं। अंधेर नगरी चोपट राजा की तर्ज पर चल रही है चीताखेडा पंचायत बेशर्मी की सारी हदें पार कर चुकी है। ग्राम पंचायत में बैठे जवाबदार गांव की मूलभूत जनसमस्याएं को अंधे और बहरे बनकर बैठे है न इन्हें समस्या दिखती हैं,और न कुछ किसी की सुनते हैं। पंचायत के प्रधान और सचिव पुरी तरह से निष्ठुर, ढिट बन गये हैं। जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के जवाबदार भी इन्हीं की विचारधारा से जुड़े हुए हैं। इन पर किसी का कोई असर नहीं हो रहा हैं,जहां देखों वहां गंदगी के ढेर,नालियो व गटरों मे किचड व गंदगी भी इतनी भरी हूई हैं कि पता ही नहीं चलता की यहां नालियां व गटरे है कि भी नहीं। गटरों का किचड आम रास्ते मे बह रहा हैं। गांव के कई गली मौहल्लों मे समर्थ एवं असमर्थ लापरवाह लोगों ने ऐसे मकान खण्डहरों मे तब्दील एवं भूखंड को छोड़ रखा हैं जहां आसपास के एवं मोहल्लेवासीयो ने किचड कचरा एवं गन्दगी फेंक-फेककर कुडादान बना रखा हैं। जगह जगह कचरे का ढेर जमा हो गया हैं ।आसपास के रहवासियों के लिए बीमारी पेदा कर रहा हैं,लेकिन सफाई के लिए जिम्मेदार पंचायत के प्रधान और सचिव ध्रतराष्ट्र बने हुए हैं। गांव मे विकास कार्य तो दूर पंचायत के जिम्मेदारों की उदासीनता एवं ढिढपनता के चलते मूलभूत सुविधाएं तक ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही हैं।गांव के विभिन्न गली मौहल्लों मे सफाई नहीं होने से गन्दगी का साम्राज्य बना हुआ हैं। नाली गटरों मे कचरा किचड भरा रहने से किचड आम रास्ते मे बहने से राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा हैं। भयंकर गन्दगी के कारण मलेरिया, वायरल,टाईफाईट जैसी प्राणघातक बीमारीयो का प्रकोप फैलने लगा हैं। गांव के शासकीय एवं प्रायवेट क्लिनिकों पर मरीजों की भीड़ लगी हुई देखी जा सकती हैं। इसका मुख्य कारण गांव मे चरमराई सफाई व्यवस्था तथा नाली गटरों मे भरा गँदा पानी व किचड हैं। गांव के गली मोहल्लों मे सफाई व्यवस्था के अभाव मे बुखार तथा अन्य मौसमी बीमारीयो से ग्रामीण परेशान हैं। पंचायत को चाहिए कि साफ सफाई कर बीमारियों से बचाव हेतु पर्याप्त दवाइयों का छिडकाव कर बीमारियों से बचाव हेतु उपाय करना अत्यंत आवश्यक हैं।गांव के कई गली मौहल्लो मे स्ट्रीट लाईट तक कई महिनों से बन्द पडी हैं। पंचायत की इस कारगुजारियों से ग्रामीणों मे भारी आक्रोश हैं।
हरिजन मोहल्ले मे स्थित धार्मिक स्थल वरईमाता का स्थान है जहां नायनखेडी पहुंच मार्ग हैं जिस पर भारी गंदगी,कचरा का साम्राज्य बना हुआ हैं। भयंकर बदबू के कारण माताजी के स्थान पर आने वाले एवं राहगीरों को नाक सिकुड़कर निकलना पड रहा हैं। 9फिट चोडी सडक कचरे से पगडण्डी बनकर रह गई। पर पंचायत के जिम्मेदारो को तनिक भी शर्म नहीं आ रही हैं। राजीव कालोनी मे कई गलियों मे न तो फर्सी है और ना ही नाली गटरे।किचड मार्ग पर भरा पडा रहता है ।पंचायत जवाबदार सचिव पद पर पदस्थ अशोक कुमार जैन ने स्वयं का चाँदनी चौक चीताखेडा मे खुद ने भूखण्ड खण्डहर के रुप मे बना रखा हैं जो मौहल्लेवासियों द्वारा ही कूडा कचरा डालकर डेगूं को निमंत्रण दिया जा रहा हैं। सचिव को चाहिए की भूखण्ड की साफ सफाई कर मौहल्लेवासियों को भयंकर बदबू से छुटकारा दिलाया जाय।

इनका कहना-
विगत 7वर्षों से गांव की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस गई हैं।चारों तरफ गंदगी का सम्राज्य ,विध्युत खम्बों पर बल्ब नहीं ,राजीव कालोनी की कई गलियों मे पेयजल व्यवस्था नहीं,गंभीर बिमारी कोरोना काल जैसे हालात मे भी मच्छरों की दवाइयों का तक छिडकाव नहीं करवाया गया था तो अब क्या करेंगे।
-भगत मांगरिया

अध्यक्ष तहसील प्रेस क्लब जीरन

गांव के गली मौहल्लों में बिजली के खंभों पर वर्ष भर से बल्ब एवं वेपरलेम्प तक नहीं है। जिसके कारण शाम ढलते ही गांव के गली मौहल्लों में अंधेरा गुप हो जाता है। जिसका फायदा चोर गिरोह चोरियां कर उठा रहे हैं।

रतनलाल माली पूर्व उपसरपंच चीताखेडा

मैं मेरे पर्सनल कार्यक्रम में व्यस्त हूं, जैसे ही मुझे टाइम मिलेगा इसका जवाब और कारण बता सकता हूं।

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