2 दिन से कमरे में बंद युवती की डॉयल 100 स्टॉफ ने दरवाजा तोड़कर बचाई जान

कल दिनांक 29/07/21 को रात्रि करीबन सवा 8 बजे पुलिस स्टेशन कोलार एफआरव्ही-43 पर इवेंट प्राप्त हुआ कि एक लड़की ने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया है लोगों के बुलाने पर खोल नहीं रही है। इवेंट प्राप्त होते ही नेटव्यूअर स्टाफ महिला आरक्षक 990 जीडी रचना परमार एवं महिला आरक्षक 3233 जीडी मंजू सिंह ने एफआरबी में लगे स्टाफ हेड कॉन्स्टेबल 911 महेंद्र भास्कर एवं पायलट दिनेश बैरागी को सूचना दी। एफआरवी स्टाफ के द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर लड़की की जान बचाई जा सकी।

जानकारी के मुताबिक 28 वर्षीय युवती प्रॉपर इंदौर निवासी है एवं पिता का देहांत हो गया है एवं मां व भाई जवाहर कॉलोनी इंदौर में रहते है। युवती 3 दिन पहले ही इंदौर से कोलार स्थित स्वयं के फ्लैट में आई थी।

दो दिन से अंदर से कमरा बंद होने के कारण शक होने पर पड़ोसी ने युवती के भाई को इंदौर फोन लगाकर सूचना दी। युवती के भाई ने भोपाल में रहने वाले अभय नाम के दोस्त को बताया, जिन्होंने 100 नम्बर पर सूचना दी।

उक्त सूचना पर डॉयल 100 स्टॉफ द्वारा मौके पर पहुचकर देखा तो अंदर से दरवाजा बंद था, अंदर से ताला बंद होने के कारण कॉलोनी के अध्यक्ष को बुलाकर शब्बल से तोड़ा। लेकिन युवती दूसरे कमरे मे अंदर से ताला लगाकर अपने आप को बंद किये हुए थी।

खिड़की से झांकने पर युवती कोने में डरी सहमी बैठी दिखी, जिसे पुलिस स्टॉफ द्वारा काफी मुश्किल से समझाबुझाकर कर अंदर से ताला खुलवाया। कमरे के अंदर दुपट्टे से पंखे में फांसी का फंदा बंधा हुआ था।

युवती से खुद को बंद करने व फंदा लगाने के संबंध में महिला स्टॉफ द्वारा काफी पूछताछ की गई, लेकिन कोई जवाब नही मिला। पुलिस द्वारा भोपाल में रह रहे युवती के बहनोई व को बुलाया गया, जिनके साथ युवती ने जाने से मना कर दिया। उपरांत वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में युवती को गौरवी संस्थान छोड़ा गया है। फिलहाल घटना का कारण पता नहीं चल सका है। कोलार पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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