बेहतर शहरी नियोजन को बढ़ावा देने के लिए भवन उपनियमों, शहर नियोजन योजनाओं और पारगमन उन्‍मुखी विकास का आधुनिकीकरण

‘यह बजट अमृत काल के अगले 25 वर्षों – भारत 75 से 100 वर्ष’ तक की अवधि के‍ लिए नींव रखने और अर्थव्‍यवस्‍था को गति प्रदान करने का ब्‍लूप्रिंट देने की इच्‍छा रखता है। केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए यह दृष्टिकोण स्‍थापित किया। उन्‍होंने अमृत काल के तहत ईज ऑफ लिविंग के अगले शुभारंभ की घोषणा की।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि ईज ऑफ लिविंग का यह नया चरण निम्‍नलिखित बातों को शामिल करने वाली पहुंच द्वारा निर्देशित होगा –

  • राज्‍यों की सक्रिय भागीदारी
  • मानव प्रक्रियाओं और हस्‍तक्षेपों का डिजिटाइजेशन
  • सूचना प्रौद्योगिकी सेतुओं के माध्‍यम से केन्‍द्रीय और राज्‍य स्‍तर प्रणालियों का संयोजन।

 

इससे सभी नागरिक- केन्द्रित सेवाओं के लिए एकल बिन्‍दु पहुंच का सृजन करने, आधुनिकीकरण करने और परस्‍पर व्‍यापी अनुपालनों को दूर करने में मदद मिलेगी।

 

चिप अम्‍बेडेड ई-पासपोर्ट जारी करना  :

वित्‍त मंत्री ने यह घोषणा की कि अम्‍बेडेड चिप और भावी प्रौद्योगिकी का प्रयोग करने का कार्य 2022-23 में शुरू किया जाएगा। इससे नागरिकों को अपनी विदेशी यात्रा करने में सुविधा मिलेगी।

 

भवन उपनियमों और नगर/शहरी नियोजन का आधुनिकीकरण

शहरी नियोजन में सुधार करने के लिए वित्‍त मंत्री द्वारा भवन उपनियमों, नगर नियोजन योजनाओं (टीपीएस) और पारगमन उन्‍मुखी विकास के आधुनिकीकरण का प्रस्‍ताव किया गया। इससे वृहद पारगमन प्रणालियों के नजदीक रहने और काम करने वाले लोगों के लिए सुधार करने में मदद मिलेगी।

इस संबंध में वित्‍त मंत्री ने यह भी कहा कि वृहद पारगमन परियोजनाओं और अमृत योजना के लिए केन्‍द्र सरकार की वित्‍तीय सहायता का कार्य योजनाओं को तैयार करने और राज्‍यों द्वारा टाउन नियोजन योजनाओं (टीओडी) और परिवहन उन्‍मुखी विकास (टीपीएस) में सुविधा के लिए कार्यान्‍वयन हेतु लाभ उठाया जाएगा।

 

शहरी नियोजन में उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्रों की स्‍थापना :

शहरी नियोजन और डिजाइन में भारत विशिष्‍ट ज्ञान विकसित करने और इन क्षेत्रों में प्रमाणित प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विभिन्‍न क्षेत्रों में पांच मौजूदा शैक्षिक संस्‍थानों को उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्रों के रूप में अभिहित किया जाएगा। वित्‍त मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि ऐसे प्रत्‍येक केन्‍द्र को 250 करोड़ रुपये की दाय निधि प्रदान की जाएगी।

 

बैट्री अदला-बदली नीति

वित्‍त मंत्री ने बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्‍टेशनों की स्‍थापना के लिए शहरी क्षेत्रों में स्‍थान की कमी के बारे में विचार करते हुए बैटरी अदला-बदली नीति और अन्‍तर प्राचलनीय मानकों को तैयार करने के प्रस्‍ताव की घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि निजी क्षेत्र को एक सेवा के रूप में बैट्री या ऊर्जा के लिए सतत विकास और नवाचारी व्‍यवसाय मॉडल विकसित करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाएगा।

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