खगोलीय घटना के बारे में सारिका घारू ने साझा की ये महत्वपूर्ण जानकारी

DG NEWS BHOPAL

संवाददाता सुरेश मालवीय 8871288482

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को दो खगोलीय घटनाएं एक साथ हुई। देखते ही देखते काया का साया ने साथ छोड़ दिया। जीरो शैडो डे (zero shadow day 2022) के अवसर पर परछाई लुप्त हुई है। भोपालवासियों के लिये दोपहर में सूरज ठीक सिर के उपर था। इस कारण बड़ी इमारत, टॉवर और यहां तक की हर व्यक्ति के साया ने कुछ देर के लिये छोड़ दिया। नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू (sarika gharu) ने जीरो शैडो डे की खगोलीय घटनाओं पर प्रयोग करके जानकारी मीडिया सा साझा की। 

तिरछी पड़़ने वाली किरणें सीधी पड़ी 

सारिका घारू (sarika gharu) ने बताया कि मकर रेखा से कर्क रेखा की ओर गति करता दिखता सूर्य अपने अंतिम पड़ाव के 7 दिन पहले भोपाल (bhopal के ठीक उपर पहुंचा। इस कारण आमतौर पर तिरछी पड़़ने वाली किरणें भोपाल पर मध्यान्ह मे ठीक सीधी पड़ रही थी। इस कारण दोपहर 12 बजकर 20 मिनिट के लगभग हर वस्तु की छाया, उसके आधार के नीचे होने से अलग से दिखाई नहीं दी।  

इसलिए सूर्य की दिखना बंद हो जाती है परछाई 

सारिका ने बताया कि प्लस +23.5 एवं माइनस -23.5 अक्षांश (Latitude) के बीच रहने वालों के लिये पूरे साल में दो दिन ऐसे आते हैं। जबकि सूर्य ठीक सिर के उपर होता है। इस समय किसी भी वस्तु की परछाई दिखना बंद हो जाती है। इसे जीरो शैडो डे कहते हैं। भोपाल का अक्षांश 23.2599° N है।

,

About सुरेश मालवीय इछावर DG NEWS

View all posts by सुरेश मालवीय इछावर DG NEWS →

Leave a Reply