बीएसएसएस कॉलेज की छात्रा ने लिखी अनादर मिस्ट्री

बीएसएस कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा द्वारा लिखी गई नोबेल अनादर मिस्ट्री का क्लब लेट्रेट्री संस्था द्वारा आयोजित विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ फादर जॉन जे द्वारा विमोचन किया गया

यह नोबेल टाइम टेबल एवं अन्य दुनिया पर आधारित है उसमें एक ऐसी लड़की को दर्शाया गया है जो संयोगवश दूसरी दुनिया में पहुंच जाती है जहां पर शाही जुड़वा से मिलती है जहां वे दोनों अपना हित सिद्ध करने के लिए उस लड़की को जासूसी करने के लिए मजबूर करते हैं और धीरे-धीरे उनके बीच दोस्ती हो जाती है इस दौरान वे यह जान पाते हैं कि दोस्ती रिश्ता यह सत्ता में से क्या ज्यादा महत्वपूर्ण है

इसमें मुख्य चरित्र रोचक एवं रोमांचक दौर से गुजरते हुए परिपक्व होते हैं और यही सही दिशा का ज्ञान प्राप्त करते हैं इस नोबल के बारे में श्रीमती निशा अग्रवाल के साथ लेखक की प्रत्यक्ष पर चर्चा हुई है इसमें लेखक ने बताया कि उसको बचपन से पढ़ने सोचने सपने देखने का शौक था जो कि आज नोबेल के रूप में फलीभूत हुआ है

श्रीमती निधि अग्रवाल ने परिचर्चा के अंत में यह कहा कि इतनी कम आयु में इतना रचनात्मक कार्य लेखिका की लगन चाहत दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत का नतीजा है जो कि उसने अपनी पढ़ाई से समय निकालकर यह कार्य किया है जो कि सराहनीय है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है

मुख्य अतिथि डॉक्टर फादर जॉन जे ने अपने अभिभाषण में लेखिका को बधाई देते हुए कहा कि बीएसएस कॉलेज को नाज है अपनी उभरती हुई लेखिका पर जिसने कि मुझे भी अपने लेखन से अभिभूत कर दिया जबकि मैं कभी नोबेल नहीं पड़ता और फिल्म नहीं देखताको छुएं और जग में हम सब का नाम रोशन करें

श्रीमती मंजू मेहता ने भी लेखिका को इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि लेखिका इसके अलावा कालेज की अन्य सकारात्मक गतिविधियों में भी प्रवीण है और बचपन से इसको पढ़ने लिखने का शौक है इस वजह से वह इस लेखन कार्य पर केंद्रित हो चुकी है जो कि इसे भविष्य में भी बहुत उपलब्धि दिलवाए गी

लेखिका सिमरन परदासानी बीएसएस कॉलेज में b.a. प्रथम वर्ष की छात्रा है और 7 वर्ष की आयु से ही लेखन कार्य करती आई है और उसे पढ़ने सोचने और काल्पनिक रचनाएं लिखने में गहन दिलचस्पी है वह अपनी दूसरी काल्पनिक रचना भी लिख रही है जो कि शीघ्र ही प्रकाशित होगी उपरोक्त रचना वर्ल्ड ऑफ किड्स द्वारा प्रकाशित की गई है और अमेजन एवं किंडल पर उपलब्ध है लेखिका सिमरन क्लब की सदस्य है और उसके इस कार्य में उक्त संस्था का महत्वपूर्ण योगदान रहा है

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