CAA और ‘गलत’ आर्थिक नीतियों के खिलाफ आज महाराष्ट्र बंद

पूर्व सांसद प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया है कि उनके संगठन द्वारा आहुत इस बंद को 35 संगठनों का समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि बंद के तहत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन किये जाएंगे लेकिन किसी भी तरह से ट्रैफिक या लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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मुंबई. संशोधित नागरिकता कानून (CAA), संभावित एनआरसी (NRC) और केंद्र सरकार की ‘गलत’ आर्थिक नीतियों के विरोध में महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया गया है. यह बंद प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाले वंचित बहुजन अघाड़ी ने आहुत किया है. पूर्व सांसद प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया है कि उनके संगठन द्वारा आहुत इस बंद को 35 संगठनों का समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि बंद के तहत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन किये जाएंगे लेकिन किसी भी तरह से ट्रैफिक या लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

बंद के आह्वान के सिलसिले में  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर चुके आंबेडकर ने केंद्र पर आरोप लगाया था कि सीएए को लेकर देश में अशांति है, जिसे केंद्र सरकार जबरन लागू करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा था, ‘देश आर्थिक दिवालिएपन की राह पर है. नोटबंदी और जीएसटी के साथ-साथ देश में अविश्वास का माहौल है, सरकार को पर्याप्त राजस्व नहीं मिल रहा है. केंद्र की आर्थिक नीतियां सही नहीं हैं.’

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इससे पहले आंबेडकर ने कहा था कि केंद्र की राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) कवायद दुर्भावना से प्रेरित है जिसका उद्देश्य देश के लोगों की जाति और विचाराधारा के बारे में सूचना प्राप्त करना है. केंद्र ने 24 दिसंबर को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अद्यतन करने के लिए 3941.35 करोड़ रुपये मंजूर किये थे. सरकार के अनुसार एनपीआर ‘सामान्य निवासियों’ की एक सूची है.

आंबेडकर ने कहा था कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार की जाति या विचारधारा के बारे में सूचना प्राप्त करना है. यह नरेंद्र मोदी सरकार का दुर्भावना से प्रेरित कदम है. वंचित बहुजन आघाडी प्रमुख ने आर्थिक ‘कुशासन’ के लिए केंद्र की आलोचना की और कहा कि वह राजस्व में कमी से निपटने के लिए नवरत्न कंपनियों जैसी उच्च मूल्य की परिसम्पत्तियों को बेच रही है.

इस बंद के मद्देनजर राज्य भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए हैं. पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है ताकि किसी भी तरह से आम जनजीवन पर प्रभाव ना पड़े.

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