सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान द्वारा 26-27 अगस्त, 2022 के दौरान “शेपिंग द एनर्जी फ्यूचर: चैलेंजेज एंड ऑपर्चुनिटी” (एसईएफसीओ) पर छठे राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान 26-27 अगस्त, 2022 के दौरान “शेपिंग द एनर्जी फ्यूचर: चैलेंजेज एंड ऑपर्चुनिटी” (एसईएफसीओ) पर छठे राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है। डॉ. अंजन रे, निदेशक, सीएसआईआर-आईआईपी ने 2017 में इस कार्यक्रम को आकार दिया था, जो अब संस्थान के शोधकर्ताओं और शोधार्थियों द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक वार्षिक कार्यक्रम बन गया है।

यह संगोष्ठी वैज्ञानिक चर्चा का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करती है। इस वर्ष यह संगोष्ठी “2070 तक भारत में शुद्ध-शून्य स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में अभिनव कदम” विषय पर केंद्रित होगी। इस संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में एचपीसीएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री प्रभा दास मुख्य अतिथि और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की निदेशक (रिफाइनरीज) सुश्री सुक्ला मिस्त्री सम्मानित अतिथि थीं।

डॉ. अंजन रे ने इस संगोष्ठी में भाग लेने वाले सभी विशिष्ट अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया और अपनी आरंभिक टिप्पणी प्रस्तुत की। अपने स्वागत भाषण में, सुश्री सुक्ला मिस्त्री ने पेरिस समझौते के अनुरूप लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तनों की जरूरत बतायी। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2050 तक जीवाश्म ईंधन से होने वाले उत्सर्जन को घटाकर शुद्ध-शून्य तक लाने की जरूरत है। उन्होंने कार्बन कैप्चरिंग और स्टोरेज में ग्रीन हाइड्रोजन के अपेक्षित उपयोग के बारे में भी चर्चा की।

अपने संबोधन में, श्री प्रभा दास ने कार्बन कैप्चरिंग को आर्थिक रूप से व्यवहारिक और उपयोगी बनाने पर जोर दिया। बिजली आपूर्ति और ईंधन निर्यात के मामले में भारत के सफल विकास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश ने किसी भी अन्य देश की तुलना में इन क्षेत्रों में चमत्कारिक सफलता हासिल की है।

इस दो दिवसीय संगोष्ठी में विशेष रूप से उद्योग जगत, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों के लिए विविध वैज्ञानिक सत्र होंगे। इस संगोष्ठी के लिए विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया है। इस संगोष्ठी में तकनीकी सत्र के साथ-साथ प्रतिभागियों द्वारा पोस्टर प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा। इस संगोष्ठी के प्रायोजक आईओसीएल, ईआईएल, बीपीसीएल, ओएनजीसी, गेल, सीपीसीएल, भेल और एसीएस प्रकाशन हैं। इसके अलावा, डीईडब्ल्यू जर्नल्स इस संगोष्ठी का सूचना एवं प्रचार भागीदार है। .

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