शौर्य और सौंदर्य की प्रतिमूर्ति रानी कमलावती

वर्तमान में रानी कमलावती चर्चा का विषय बनी हुई है और उनकी चर्चा का कारण वर्ल्ड क्लास हबीबगंज रेलवे स्टेशन है। जो कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है का नाम परिवर्तित कर रानी कमलावती स्टेशन कर दिया गया है ।आइए आज हम आपको रानी कमलावती देवी के बारे में बताते हैं जो आप जानना चाहते है।

जानिए कौन थीं खूबसूरत और बहादुर गोंड रानी कमलापति जिनके नाम पर हुआ हबीबगंज स्टेशन का नामकरण ?

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का हबीबगंज रेलवे स्टेशन भोपाल की आखिरी हिंदू रानी के नाम हो गया है। इस संबंध में मप्र शासन के राजपत्र में प्रकाशित हो गया। जिसमें हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया।

गोंड रानी कमलापति का ये है इतिहास
रानी कमलापति गोंड रानी थीं और 18वीं शताब्दी में गिन्नौरगढ़ की निजाम शाह का शासन था। शाह की खूबसूरत और बहादुर रानी कमलापति थीं। राजा निजाम शाह के भतीजे आलम शाह का शासन बाड़ी पर था। आलम हमेशा निजाम शाह की दौलत और रानी कमलापति को हासिल करना चाहता था। उसने रानी के सामने प्रेम का प्रस्ताव भी रखा, पर रानी ने उसे ठुकरा दिया।

बताया जाता है कि निजाम शाह को उनके ही भतीजे आलम शाह ने जहर देकर मरवा डाला था. खुद को बचाने के लिए रानी कमलापति अपने बेटे नवल शाह के साथ गिन्नौरगढ़ से भोपाल के रानी कमलापति महल में आ गई थीं. भोपाल आकर रानी ने मोहम्मद खान से मदद मांगी. बताया जाता है कि मोहम्मद खान ने 1 लाख रुपये में राजा के कातिल की हत्या करवा दी लेकिन वादे के मुताबिक रानी रुपये नहीं दे पाईं. बदले में उन्होंने अपनी रियासत का कुछ हिस्सा मोहम्मद खान को दे दिया.

रानी ने जल समाधि लेकर जीवन लीला समाप्त की थी

स्रोतों के अनुसार मोहम्मद खान रानी की सियासत पर कब्जा करना चाहता था उसके नापाक इरादे भापकर रानी ने अपने बेटे नवल शाह को युद्ध के लिए भेजा जहां मोहम्मद खान ने नवल शाह को मार दिया। विषम परिस्थितियों को देखते हुए 1723 में रानी कमलावती ने जल समाधि लेकर अपनी जीवन लीला समाप्त की।

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