फॉरेंसिंक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिये समिति एवं उप समिति का गठन

भोपाल। मध्यप्रदेश में फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना के संबंध में विचार करने और युक्तियुक्त निर्णय लेने के लिये सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समिति और उप समिति का गठन किया गया है। सचिव, गृह की अध्यक्षता वाली उप समिति में 6 लोग नामांकित किये गये हैं। उप समिति के अनुशंसात्मक प्रतिवेदन पर विचार कर आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने के लिये अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर के आदेशानुसार किया गया है।
प्रदेश में फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिये उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर के आदेशानुसार अपर मुख्य सचिव, गृह की अध्यक्षता में गठित समिति को शासन के समक्ष 5 नवम्बर, 2021 तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। शासन द्वारा विचारण उपरांत उच्च न्यायालय की सुनवाई की तिथि 16 नवम्बर, 2021 को अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। शासन द्वारा इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह की अध्यक्षता में समिति का गठन कर दिया गया है। समिति में पुलिस महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव, विधि सदस्य के रूप में नामांकित किये गये हैं।

प्रदेश में फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिये उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर के आदेशानुसार अपर मुख्य सचिव, गृह की अध्यक्षता में गठित समिति को शासन के समक्ष 5 नवम्बर, 2021 तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। शासन द्वारा विचारण उपरांत उच्च न्यायालय की सुनवाई की तिथि 16 नवम्बर, 2021 को अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। शासन द्वारा इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह की अध्यक्षता में समिति का गठन कर दिया गया है। समिति में पुलिस महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव, विधि सदस्य के रूप में नामांकित किये गये हैं।



फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गाँधी नगर (गुजरात), नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, दिल्ली एवं इस प्रकार के अन्य ख्याति प्राप्त संस्थानों के कार्य संचालन का व्यवहारिक अध्ययन कर मध्यप्रदेश में फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना के तौर-तरीकों के संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष उप समिति अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। इस उप समिति में अध्यक्ष, सचिव (पुलिस), गृह होंगे और एडीजी साइबर क्राइम अथवा उनके द्वारा नामित उप पुलिस महानिरीक्षक/महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी, अतिरिक्त महाधिवक्ता अथवा उनके द्वारा नामित उप महाधिवक्ता स्तर के विधि अधिकारी, संचालक, न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला सागर, उप सचिव विधि विभाग मध्यप्रदेश शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश का एक प्रतिनिधि (सीनियर प्रोफेसर) सदस्य रहेंगे।

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