31 मार्च तक संभाग के सभी जिले कुपोषण मुक्त हों – कमिश्नर श्री कियावत

गोविन्द दुबे .9893802968

संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने संभाग के महिला एवं बाल विकास के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शासन की मंशानुरूप 31 मार्च तक सभी जिलों को कुपोषण मुक्त किए जाने के लिए मुस्तैदी से कार्य करें। संभागायुक्त कार्यालय में संपन्न हुई बैठक में श्री कियावत ने विदिशा की अपेक्षाकृत स्थिति बेहतर नहीं होने पर उन्हें सुधार के लिए चेतावनी भी दी।

श्री कियावत ने निर्देश दिए कि मध्यम कुपोषित बच्चों को सुपोषित श्रेणी मे तथा अति कुपोषित बच्चों को मध्यम कुपोषित की श्रेणी में लाने के लिए प्रतिदिन बच्चों को दिए जाने वाली दवाईयों और पोषण आहार का समक्ष में ही सेवन करवाया जाए और उसके बाद ही पोर्टल पर बच्चे वार प्रविष्टि की जाए। उन्होंने हिदायत दी कि डाटा फीड होने और मेडीकल जाँच में एक रूपता नहीं पाए जाने पर जिम्मेदार अमले के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए है कि आगनवाड़ी केन्द्रों की मानीटरिंग परियोजना अधिकारी करेंगे और परियोजना के कार्य की मानीटरिंग जिला कार्यक्रम अधिकारी करेंगे। संयुक्त संचालक को हर सप्ताह संभागायुक्त को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
श्री कियावत ने निर्देश दिए कि मध्यम और अति कुपोषित बच्चों का क्लस्टर के आधार पर चिहांकन कर उनका मेडीकल चेक-अप और आवश्यक दवाईयां उपलब्ध कराई जाएं। संभागायुक्त ने जिलों में एनआरसी में पर्याप्त बच्चों के नहीं होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। श्री कियावत ने कहा कि आगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता ऐसे बच्चों को परिवार भेंट कर नियम अनुसार खुराक दे। उन्होंने कहा कि प्रविष्टि नहीं कर पाने वाले कर्मियों को गांव में पदस्थ अन्य अमले से समन्वय कराया जाए।
श्री कियावत ने दस्तक अभियान के साथ ही आरोग्यम केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की एएनसी, स्वास्य् परीक्षण आदि कराने के साथ ही किशोरियों का भी स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर आयरन का डोज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्री कियावत ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के पोषण और अन्य दवाईयों से भी कुपोषण रोकने में मदद मिलेगी।

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