ग्रामीण विकास सचिव ने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना ( डीडीयू-जीकेवाई ) के तहत कैप्टिव रोजगार नीति पर आयोजित वेबिनार की अध्यक्षता की

16 से अधिक सेक्टर कौशल परिषदों तथा 180 से अधिक हितधारकों ने वेबिनार में भाग लिया

केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव श्री नागेन्द्र नाथ सिन्हा ने आज दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना ( डीडीयू-जीकेवाई ) के तहत  ‘ कैप्टिव नियोक्ता ‘ पहल को बढ़ावा देने पर आयोजित एक वेबिनार की अध्यक्षता की। 16 से अधिक सेक्टर कौशल परिषदों तथा 180 से अधिक हितधारकों ने भी इस वेबिनार में भाग लिया।

वेबिनार को संबोधित करते हुए, श्री सिन्हा ने दुहराया कि कैप्टिव नियोक्ता परियोजनाओं के माध्यम से उद्योग की आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग के लिए यह एक उल्लेखनीय प्रोत्साहन होगा तथा उन्हें अनिवार्य रूप से इस अवसर का अधिकतम उपसोग करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले ग्रामीण युवकों के साथ संवेदनशील बर्ताव किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्योग को उम्मीदवारों की भावनात्मक तथा अनुकूली आवश्यकताओं पर निश्चित रूप से कार्य करना चाहिए क्योंकि उनका कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है।

कैप्टिव रोजगार के बारे में

‘ कैप्टिव नियोक्ता ‘ अपनी तरह की पहली पहल है जिसका उद्वेश्य ग्रामीण निर्धन युवाओं के लिए स्थायी प्लेसमेंट का भरोसा दिलाते हुए तथा उद्योग साझीदारों की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए एक गतिशील तथा मांग आधारित कौशल निर्माण परितंत्र के विजन को साकार करना है। यह पहल डीडीयू-जीकेवाई कार्यक्रम के लिए बहुत उत्साहवर्धक है जिसमें 10,000 रुपये के न्यूनतम सीटीसी के साथ कम से कम छह महीनों के लिए उम्मीदवारों का प्रशिक्षण-उपरांत प्लेसमेंट का आश्वासन दिया गया है।

यह मॉडल उद्योग को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रिय सहायता के साथ उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षुओं को सोर्स करने तथा उनके अपने संगठन/उद्योग/सहायक कंपनियों/ प्रचालनगत आवश्यकताओं की जरुरतों के अनुरूप उन्हें प्रशिक्षित करने और उम्मीदवारों को आश्वस्त प्लेसमेंट उपलब्ध कराने में सक्षम बनाएगा। यह कर्मचारियों को ग्रामीण युवाओं तथा कौशलों का चयन करने तथा उन्हें उनके प्रतिष्ठानों/सहायक कंपनियों में नियुक्त करने में भी सक्षम बनाएगा।

ऐसे ‘ कैप्टिव नियोक्ताओं ‘ को सूचीबद्ध करने के लिए 1 फरवरी, 2022 को एक आरईओएल फ्लोट किया गया है तथा इससे संबंधित पहली प्रस्ताव-पूर्व बैठक ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव ( ग्रामीण कौशल ) की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिससे कि संभावित कैप्टिव नियोक्ताओं के प्रश्नों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। 125 से अधिक संभावित नियोक्ताओं ने प्रस्ताव-पूर्व बैठक में भाग लिया।

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना ( डीडीयू-जीकेवाई ) के बारे में

25 सितंबर, 2014 को आरंभ की गई दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना ( डीडीयू-जीकेवाई ) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित एक राष्ट्र व्यापी प्लेसमेंट-लिंक्ड कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है। डीडीयू-जीकेवाई का उद्देश्य निर्धन ग्रामीण युवाओं के प्लेसमेंट से जुड़े कौशलों का निर्माण करना तथा उन्हें अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों में मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम की कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए गारंटीकृत प्लेसमेंट के साथ एक परिणाम केंद्रित डिजाइन है तथा यह न्यूनतम अनिवार्य प्रमाणन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

डीडीयू-जीकेवाई कार्यक्रम का कार्यान्वयन प्लेसमेंट पर जोर के साथ ग्रामीण निर्धन युवाओं के लिए 27 राज्यों तथा 3 केंद्र शासित प्रदेशों में किया जा रहा है। 871 से अधिक परियोजना कार्यान्वयन एजेन्सियां ( पीआईए ) 2381 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से लगभग 611 रोजगार भूमिकाओं में ग्रामीण निर्धन युवाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं। कुल मिला कर, 31 जनवरी, 2022 तक 11.44 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है तथा 7.15 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।

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