गृह मंत्री श्री अमित शाह नई दिल्ली में आयोजित तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए

प्रधानमंत्री का मानना ​​है कि राज्यों के विकास से राष्ट्र का विकास होगा: श्री अमित शाह
हर राज्य की एक संस्कृति, एक भाषा, एक व्यंजन होता है और इन सभी भिन्नताओं के बावजूद भारत की एक आत्मा है और वह आत्मा देश को एकजुट रखती है: श्री अमित शाह
भारत सरकार तेलंगाना राज्य को सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है: श्री जी. के. रेड्डी

संस्कृति मंत्रालय ने आज डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी और विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी, संस्कृति राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

श्री अमित शाह ने इस अवसर पर श्री जी. के. रेड्डी को तेलंगाना दिवस समारोह को आज़ादी का अमृत महोत्सव में शामिल करने और इसकी संस्कृति को पूरे देश के सामने लाने के लिए बधाई दी।

श्री अमित शाह ने यह भी कहा कि हर राज्य की एक संस्कृति, एक भाषा, एक व्यंजन होता है और इन सभी भिन्नताओं के बावजूद भारत की एक आत्मा है और वह आत्मा भारत को एकजुट रखती है। गृह मंत्री ने सूचित किया कि सरकार ने 2014-15 और 2021-22 के बीच तेलंगाना राज्य के विकास के लिए 2,52,202 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि राज्यों के विकास से राष्ट्र का विकास होगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य के गठन का इतिहास संघर्ष भरा रहा है।

 

गृह मंत्री के संबोधन पर पूर्ण प्रेस विज्ञप्ति के लिए यहां क्लिक करें।

 

केंद्रीय मंत्री श्री जी. के. रेड्डी ने कहा कि भारत सरकार तेलंगाना राज्य को सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है और तेलंगाना के किसानों से धान की खरीद इसका प्रमाण है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2014-2015 में तेलंगाना के किसानों को धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 3,400 करोड़ रुपये दिए गए। आज 8 साल बाद, तेलंगाना के धान किसानों को हस्तांतरित एमएसपी मूल्य 26,600 करोड़ रुपये से अधिक है जो लगभग 8 गुना वृद्धि दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत सरकार तेलंगाना राज्य में  1 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत से राजमार्गों का निर्माण कर रही है।

यह कार्यक्रम पहला मौका है जब भारत सरकार ‘तेलंगाना दिवस’ या ‘तेलंगाना स्थापना दिवस’ मना रही है। इसका उद्देश्य इसे उचित तरीके से मनाया जाना सुनिश्चित करना है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के सबसे युवा राज्य की संस्कृति, विरासत, स्थापत्य भव्यता और गुमनाम नायकों की ज़मीं की जड़ों को उजागर करना है। तेलंगाना इस वर्ष अपनी आठवीं वर्षगांठ मना रहा है। कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में, तेलंगाना के लोकप्रिय गायकों ने अपने प्रदर्शन से लोगों का मन मोह लिया। तेलंगाना के लोक नर्तकों और कथक केंद्र दिल्ली ने भी राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया।

तेलंगाना राज्य का आधिकारिक तौर पर गठन 2 जून 2014 को हुआ था और इस दिन को ‘तेलंगाना दिवस’ या ‘तेलंगाना स्थापना दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। चूंकि यह वर्ष स्वतंत्रता के 75वें वर्ष का प्रतीक है, भारत सरकार भारत के गौरवशाली इतिहास, इसके लोगों, संस्कृति और उपलब्धियों का जश्न मना रही है। आज़ादी का अमृत महोत्सव का समारोह 12 मार्च 2021 को शुरू हुआ और उसी दिन से हमारी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के लिए 75-सप्ताह की उलटी गिनती शुरू हुई। स्मरणोत्सव एक वर्ष बाद 15 अगस्त 2023 को संपन्न होगा।

Leave a Reply