हँसी-खुशी का फाग महीना,
फाग गीत मन गाता है।
सतरंगी बन इस धरती का
हर कोना मदमाता है

फाग महीना

हँसी-खुशी का फाग महीना,
फाग गीत मन गाता है।
सतरंगी बन इस धरती का
हर कोना मदमाता है

खुशियों वाला मौसम प्यारा
रंग बसंती लाता है।
मस्त पवन के सुरभित झौंके
मन में प्रेम जगाता है।

वन-उपवन की छटा अनोखी,
सबको लगती प्यारी है।
इसीलिए सारा जग कहता,
फागुन की ऋतु न्यारी है।।

फाग महीना

हर्ष खुशी का फाग महीना
फाग गीत मन गाता है
फाग माह की मदमाती
फाग माह ने किया श्रृंगार

फाग पवऺ का मौसम आया
मस्त महीना फागुन का
मस्त पवन के झोंको का
बागों की शोभा है न्यारी
खेतों की शोभा है प्यारी

फाग माह मनोहारी माह
पात पात मैं फूल खिलेंगे
सभी रंग मैं रंगे हुए
सभी ओर है ढोल बजें

बैर भाव सब दूर हुये
फाग माह का मौसम मस्त
वन पंक्षी शावक लता
करें रूप गुणगान
फाग माह का मस्त महीना

आशा त्रिपाठी
ग्वालियर

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