डबरा तहसील के ग्राम जरगांव हुआ पावन वृंदावन धाम भागवत कथा में हुआ रुक्मणी भगवान श्री कृष्ण का विवाह – भागवताचार्य पं.घनश्याम शास्त्री जी

डबरा तहसील के ग्राम जरगांव हुआ पावन वृंदावन धाम भागवत कथा में हुआ रुक्मणी भगवान श्री कृष्ण का विवाह – भागवताचार्य पं.घनश्याम शास्त्री जी

ग्वालियर से 45 किलोमीटर दूर ग्राम जरगांव तहसील डबरा में आयोजित श्रीमदभागवत कथा में सुप्रसिद्ध कथा वाचक पं. घनश्याम शास्त्री जी महाराज ने गोपी उद्धव संवाद एवं रुक्मिणी मंगल की कथा के रोचक प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि गोपियों की कृष्णभक्ति से उद्धव इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने गोपियों की चरण रज की वंदना की तथा इच्छा प्रकट करते हुए कहा कि मैं अगले जन्म में गोपियों की चरण रज से पवित्र वृन्दावन की लता, औषध, झाड़ी आदि बनूं। इस प्रकार कृष्ण के प्रति ब्रजवासियों के प्रेम की सराहना करते हुए तथा नन्दादि, गोप तथा गोपियों से कृष्ण के लिए अनेक भेंट लेकर वे मथुरा लौट आए। वहीं रुक्मिणी मंगल प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर श्री कृष्ण रूिक्मणी विवाह की सभी रस्में की गई जिसका सभी भक्तों ने आनंद लिया। शास्त्री जी ने कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी का अवतार थीं। वह मन ही मन श्री कृष्ण से विवाह करना चाहती थीं।
उधर, श्री कृष्ण भी जानते थे कि रुक्मिणी में कई गुण है। लेकिन रुक्मिणी का भाई रूक्मी श्री कृष्ण से शत्रुता रखता था। अंततः श्री कृष्ण ने रूक्मी को युद्ध में परास्त करके रुक्मिणी से विवाह किया। तथा वृंदावन से पधारे कलाकारों द्वारा सुंदर सुंदर झांकियों के दर्शन कराए गए इस अवसर पर परीक्षित पंडित श्री वासुदेव पुष्पा दुबे स्वर्गीय श्री राधेश्याम कपूरी दुबे मुन्ना लाल दुबे सुभाष दुबे सिद्ध राज दुबे छविराम दुबे पवन दुबे विजय दुबे अजय दुबे शैलेंद्र पंडित नीरज दुबे एवं समस्त दुबे परिवार एवं ग्रामवासी ने आनंद लिया इस अवसर पर

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