जिस घर में बूढ़े मां बाप हसते हैं उसी घर में तो भगवान बसते हैं – पं.घनश्याम शास्त्री जी

जिस घर में बूढ़े मां बाप हसते हैं उसी घर में तो भगवान बसते हैं – पं.घनश्याम शास्त्री जी

माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम में गाजे-बाजे कलश यात्रा से श्रीमद् भागवत कथा हुई प्रारंभ
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ग्वालियर। माधव बाल निकेतन एवं वृद्धाश्रम कमानी पुल लक्ष्मीगंज में मंगलवार से बेसहारा वृद्ध माता-पिता के हितार्थ श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन प्रारंभ हो गया। संस्था के चेयरमैन नूतन श्रीवास्तव ने अधिक जानकारी देते हुए बताया की श्रीमद् भागवत कथा के लिए आज मंगलवार को गाजे-बाजे बैंड बग्गी के साथ धूमधाम से 108 कलशों में जल भरकर कलश यात्रा पहाड़ वाली माता मंदिर नई सड़क से पैदल चलकर माधव बाल निकेतन एवं वृद्धाश्रम पर पहुंची।लाल पीली साड़ी पहने माता व बहने और यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया,यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई । जहां पर श्रीमद् भागवत कथा का श्री गणेश कर कथा का शुभारंभ किया गया। कथावाचक सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पं.श्री घनश्याम शास्त्री जी महाराज के मुखार विन्दु से श्रोताओं को कथा रसपान कराया गया। जिसमें महाराज जी ने बताया कि जिस घर में बूढ़े मां बाप हंसते हैं उसी घर में भगवान बसते हैं
सांसारिक धन खर्च करने पर कम होता है, लेकिन ईश्वर रूपी धन जितना खर्च होता है, उतना ही बढ़ता जाता हैं। सांसारिक धन भी सद्कार्यों में इस्तेमाल किया जाए तो वह बढ़ता है। धन के साथ भक्ति होनी जरूरी है, क्योंकि भक्ति रहित धन विनाश की ओर ले जाता है। सही अर्थों में धनवान वही है, जो धन से समाज और राष्ट्र की सेवा करता है जिसमें वृंदावन से पधारे कलाकारों द्वारा भोलेनाथ की भव्य झांकियां सजाई गई। वृद्ध आश्रम के चेयरमैन नूतन श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान किया । इस अवसर पर कथा परीक्षित पवन भटनागर विजय लक्ष्मी भटनागर ,उपाध्यक्ष इंद्रा मंगल,सचिव श्याम श्रीवास्तव, सह सचिव मनोज दुबे,कोषाध्यक्ष अनूप श्रीवास्तव, संस्था अधीक्षिका सीमा सक्सेना संस्था सदस्य राजेश तोमर, आर के श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव ,दीपक श्रीवास्तव,राकेश श्रीवास्तव आरती श्रीवास्तव,राजेश मंगल,अरुण सक्सेना अंकुर श्रीवास्तव, सुरेन्द्र भदोरिया, आशीष श्रीवास्तव ,रेखा शुक्ला , शशी चौहान,उमा शर्मा ,पुष्पा तिवारी आदि मौजूद रहे

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