HEALTH: बीपी, शुगर और कैंसर के लिए चलाए गए एनसीडी प्रोग्राम ये रहे फिसड्डी, जानें स्थिति

– विभागीय चिकित्सा अधिकारियों की लापरवाही से पिछड़ा जिला

छिंदवाड़ा/ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में चलाया गया असंचारी रोग प्रोग्राम में छिंदवाड़ा की स्थिति बहुत ही खराब दर्ज की गई है। इसकी वजह विभागीय चिकित्सा अधिकारियों द्वारा शासन के कार्यक्रम में रुचि नहीं लेना तथा लापरवाही बरतना बताया जाता है। जानकारी के अनुसार प्रदेश सहित छिंदवाड़ा में 20 सितम्बर से 10 दिसम्बर 2019 तक निरोगी काया अभियान चलाया गया था।

इसके लिए शासन से सभी जिलों को लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन छिंदवाड़ा में उक्त अवधि बीतने के बावजूद मात्र 35.86 प्रतिशत स्क्रीनिंग, 6.66 प्रतिशत उच्च रक्त चाप, 1.17 प्रतिशत मधुमेह तथा शून्य प्रतिशत कैंसर रोगियों को चिन्हित अंक प्राप्त किए गए। 2.90 प्रतिशत वेलनेस अंक प्राप्त करने पर प्रदेश में छिंदवाड़ा का स्थान 38वां दर्ज किया गया है। इस लापरवाही पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक छवि भारद्वाज ने खेद जताया तथा कलेक्टर छिंदवाड़ा को पत्र लिखा है तथा शासन की योजनाओं का उद्देश्य पूरा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।

संचालक भारद्वाज द्वारा लिखे गए पत्र में अवगत कराया गया है कि ससंचारी रोगों की पहचान, रोकथाम, उपचार एवं स्वास्थ्य संवर्धन के लक्ष्यों को प्राप्त किए जाने के लिए अभियान के पूर्ण होने के बावजूद निर्धारित गतिविधियां संतोषजनक नहीं की गई। इसकी वजह से 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असंचारी रोगों के लिए शतप्रतिशत स्क्रीनिंग की स्थिति खेदजनक सामने आई है।


2022 निर्धारित है लक्ष्य –

आयुष्मान भारत कार्यक्रम अंतर्गत दिसम्बर 2022 तक प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों को व्यापक स्तर की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना है। बताया जाता है कि इन केंद्रों में असंचारी रोगों की प्रारंभिक स्तर में पहचान, रोकथाम, उपचार एवं स्वास्थ्य संवर्धन किया जाना है।

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