जीईआर बढ़ाने में विश्वविद्यालय भी योगदान दें: उच्च शिक्षा मंत्री डॉ यादव

उच्च शिक्षा मंत्री Dr Mohan Yadav ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय इस वर्ष पाठ्यक्रमों और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए टास्क फोर्स गठित कर कार्य करें। प्रदेश में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) बढ़ाने में विश्वविद्यालय भी योगदान दें।

डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से जीईआर बढ़ाने पर चर्चा कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्व विद्यालय कैंपस के संसाधनों का विद्यार्थियों के लिए किस तरह से अधिकतम उपयोग हो सके, उसकी कार्य योजना बनाई जाना चाहिए। नए व्यवसायिक पाठ्यक्रम खोले जाएं ताकि प्रदेश के साथ बाहर के विद्यार्थी भी आकर्षित हो। विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किये जाए। अभी अधिकांश विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ही संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापक स्तर पर शिक्षा संस्थानों द्वारा गाँव को गोद लेने का कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। इसमें विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। म प्र भोज मुक्त विश्वविद्यालय को इस कार्य के लिए नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन भी उपस्थित थे।

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. आर.जे. राव ने बताया कि विश्वविद्यालय आगामी सत्र से कृषि पाठ्यक्रम, 12 डिप्लोमा पाठ्यक्रम और कुछ विषयों में स्नातक पाठ्यक्रम भी प्रारंभ कर रहा है। भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयंत सोनवलकर ने उद्योग जगत के सहयोग से उद्यमिता आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से जीआर बढ़ाने की जानकारी दी। दो विश्वविद्यालयों को परस्पर मिलाकर डिग्री पाठ्यक्रम प्रारंभ करने पर भी बैठक में चर्चा हुई। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार पांडे ने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा 128 नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के साथ जोड़ा गया है।

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