भारतीय नारी का यह सामर्थ्य है कि ब्रह्म को भी बेटा बना सकती है : दण्डी स्वामी

गोटेगांव द्विपीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की तपोभूमि स्थली श्रीवनम परमहंसी गंगा आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आज भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन करते कथा वक्ता दण्डी स्वामी सदानंद सरस्वती महराज जी ने कहा कि भगवान भाव को देखकर वे बालक बन जाते है
श्रीकृष्ण की बाललीलाओं का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने पूतनावध ,सटकासूर का वध तृणावर्त का वध ,अधासुर, बकासुर, व्योमासुर आदि की वध की कथाए सुनाई
सायं कालीन सत्र में स्वामी जी ने कहा प्रभु श्रीकृष्ण अनंतकोटी ब्रहमाण्ड के नायक है |
अकारण करूणा वरूणालय है,वह नंदयशोदाया वासुदेव देवकी के बालक होने की लीला मात्र करते है अन्यथा जगत के मालिक जगकर्ता को कोन गर्भ में धारण कर सकता है
इसलिये भगवान चतुर्भुज स्वरूप में प्रकट होने के बाद माँके कहने पर द्विभुज बालक बन के क्रीड़ा करते हैं

संवादाता – दीपक सराठे
डी जी न्यूज़
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