आजादी के गुमनाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम का हुआ आयोजन

DG NEWS ICHHAWAR

सीहोर इछावर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

सीहोर, इछावर । शासकीय महाविद्यालय इछावर में स्वतंत्रता की 75वी वर्षगांठ के अंतर्गत “आजादी के गुमनाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिमसें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर आर.बी.मरकाम ने विद्यार्थियों को अपने उद्धबोधन में बताया कि हम स्वतंत्रता की 75वी वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं देश की आजादी में अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भाग लिया था ।जिनमें से कुछ को हम जानते हैं, पढ़ते हैं और कुछ ऐसे आजादी मैं भाग लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे जिनका इतिहास में जिक्र नहीं है, परंतु उन्होंने अंग्रेजों को चैन से रहने नहीं दिया था। आज हम ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हैं।

वही प्रोफेसर एस,सी, राठौर ने अपने उद्धबोधन मैं आजादी के गुमनाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं घटनाओं की विस्तार से जानकारी दी उन्होंने बताया कि 1857 के दौरान छोटा नागपुर के 37 विद्रोहियों को पोर्ट ब्लेयर जेल में भेज दिया गया थ।। इसी तरह लोहर दगा नामक स्थान से 29 केदी भेजे गए थे जिनमें सूरज मांझी और सोना मांझी जो दो बड़े आदिवासी वीर थे जिन्हें जेल भेजा गया था जिन्हें हम आज नहीं जानते। १८५७ में झारखंड में विद्रोह की शुरुआत देवधर जिले के रोहिणी नामक स्थान से हुई थी इसमें भाग लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों जैसे सलामत अली अमानत अली शेख हारून को 16 जून 1857 में फांसी की सजा दे दी गई थी ऐसे ही आजादी में महिलाओं का योगदान भी भुलाया नहीं जा सकता जिसमें सिस्टर निवेदिता सरोजिनी नायडू मैडम भीकाजी कामा ,प्रति लता, बीना दास, सुनीति चौधरी ,शांति घोष ऐसे ही कई वीरांगनाओं के नाम है जिन्होंने आजादी में अपनी भूमिका तथा कुर्बानी दी है ।आज इनके नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज नहीं हो पाए इनकी कुर्बानी को हम नमन करते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षण विभाग से प्रोफेसर कल्याणी परमार,एल एल कलेशरिया सीताराम विश्वकर्मा, दीप्ति चौरसिया , कमलेश वर्मा , शरद मेश्राम आदि तथा छात्र छात्रा में भारती ठाकुर रीता बारेला निरमा बारेला विकास पांडे ने कार्यक्रम में विशेष सहयोग दिया।कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर एल एल कलेशरिया ने किया एवं आभार प्रोफेसर कलावती गडरिया ने माना ।

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