कालिया देव मेला 28 सितंबर की तैयारियों का अधिकारियों ने लिया जायजा

रिपोर्टर जलील खान, इछावर जिला सीहोर

इछावर । 28 सितम्बर को पितृमोक्ष अमावस्या को लगने वाला कालियादेव मेला स्थल का sdm अनुविभागीय अधिकारी प्रगति वर्मा, इछावर तहसीलदार द्वारा निरीक्षण किया गया तथा विभागीय अधिकारियों को मेले के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये गये। कालिया देव मेला मे भाग लेने दूर-दूर से लोग कालिया देव एक दिन पहले यहाँ पर पहुचना शूरू हो जाते है ।पितृ मोक्षय आमावस की काली रात मे यहाँ प्रेत बाधाओं से ग्रस्त मरीजो की चीखपुकारो से कालिया देव का महौल डरावना हो जाता है ।

रात भर  देवी देवताओं की बैठको का दौर चलता सुबह सुरज उगने से पहले देवी देवता सीप नदी मे स्नान करने के लिए जाते है ।

इस मैले बडी संख्या मे आदिवासी महिलाऐ पुरूष हिस्सा लेते है । आदिवासियो का मानना हे कि कालिया देव मे बने कुडं से होकर पाताल लोक का रास्ता जाता हे ।

यही कारण की आदिवासी सीप नदी मे स्नान करने को  पुण्य माना जाता है । सीप नदी के किनारे ही कालियादेव महराज का एक शानदार मंदिर बना हे । यहां इन्दौर,. उज्जैन,देवास आष्टा, शाजापुर,शुजालपुर, भोपाल सीहोर इछावर नसरुल्लागंज् एवं आसपास के लोग कालियादेव महराज को चढावा चडाने आते हे .। 

प्रशासन द्वारा कालियादेव मे अच्छी व्यवस्था की जाती है  इस सिलसिले मे प्रशासन के आधिकरियो का दल जिसमे इछावर एसडीएम  प्रगति वर्मा इछावर तहसीलदार आर.एस.मरीवी मैले की व्यवस्थाओं को लेकर केई बार इस कालियादेव का दौर कर तैयारी मे यहां आये थे और प्रशासन मैल मे इस बार व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियो मे दिखाई दे रहा है और यही वजह है की प्रशासन का अमला इस बार   सतर्क दिखाई दे रहा है और कहा- कहा लाईट की व्यवस्था पीने के पानी की व्यवस्था और मेले मे आने वाली दुकानो की व्यवस्था आदि व्यवस्था की रूपरेखा की तैयारियों मे बार बार प्रशासन के अधिकारी मौका मुयायना कर रहे है प्रशासन झरने  मे डूबने से बचने के लिय वहां स्स्सी   टियूब और आसपास लोगों न जाये ऐसा जाल भी बिछाने की तैयारियों पर विचार कर रहा है । साथ ही अलग-अलग पांइट पर पुलिस बल की तैनाती साथ ही मैले मे रास्तों को भी ठीकठाक कराया जा रहा है ।मैलै मे पहुचने के लिये दो रास्ते है एक रास्ता इछावर से 18किलो मीटर नादान गाँव से अल्लीपूर की और जाने वाला जो कालियादेव तक ही डामरीकरण का बना है जो नादान से कालियादेव पहुचता है ।

वही दूसरा रास्ता बोरदी कला रोड से जाता है इस की दूरी लगभग 6किलोमीटर की है । लैकिन इस रास्ते का कच्चा होना लोगो के लिये परेशानी का सबब भी हो सकता है वैसे सबसे साफ और अच्छा पकका रोड नादान से जाता है । नादान से कालियादेव की दूरी भी लगभग 7किलो मीटर की है । इस रोड पर  बडे वाहन तो इसी रास्ते से  कालियादेव आते जाते है बोरदी तथा आसपास के गाँव के लोग बोरदी वाले रास्ते से ही कालियादेव पहुचते है । 28 सितंबर को पितृ मोक्षय अमावस्या पर रात मे लगाने वाले कालियादेव के मेले पर प्रशासन की तैयारियों को लेकर इछावर एसडीएम प्रगति वर्मा इछावर तहसीलदार आर.एस. मरावी इछावर कस्बा पटवारी अधिकांश शर्मा सहित केई अधिकारी  निरीक्षण करते  दिखाई दे रहे है ।  

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