मुख्यमंत्री श्री चौहान ने करूणाधाम आश्रम के बड़े गुरूदेव श्री बालगोविंद जी शांडिल्य के 37वें पुण्य-स्मरण पर किया पौध-रोपण

करूणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर श्री सुदेश शांडिल्य महाराज हुए शामिल
चिनार पार्क में आश्रम से जुड़े श्रद्धालुओं ने किया वृहद पौधरोपण

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चिनार पार्क में करुणाधाम आश्रम के पितृ-पुरुष बड़े गुरुदेव श्री बाल गोविंद जी शांडिल्य महाराज के 37वें पुण्य-स्मरण पर शमी के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पौध-रोपण से पहले श्री बाल गोविंद जी शांडिल्य महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर करूणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर गुरूदेव श्री सुदेश शांडिल्य महाराज तथा गुरूमाता श्रीमती ममता शांडिल्य उपस्थित थी। पौध-रोपण में आश्रम से जुड़े श्रद्धालु सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने परम पूज्य ब्रह्मलीन बड़े गुरूदेव श्री बाल गोविंद जी शांडिल्य महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हीं की कल्पना के परिणाम स्वरूप करुणाधाम आश्रम आकार ले पाया और उनकी मंशा के अनुरूप यहाँ सेवा प्रकल्प निरंतर जारी हैं। माँ की पूजा-आराधना के साथ नर सेवा-नारायण सेवा के भाव को चरितार्थ करते मानव सेवा के प्रकल्प सराहनीय और अनुकरणीय हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ब्रह्मलीन गुरूदेव श्री बाल गोविंद जी शांडिल्य के व्यक्तित्व की अहंकार शून्यता और निरंतर आत्म-विश्लेषण की प्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि वह मित्र और शत्रु के साथ समभाव और सुख-दुख को समान स्वरूप में स्वीकार करते थे। उनके पुण्य-स्मरण में लगाए गए पौधे कई जीवों के कल्याण का माध्यम बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पौधे लगाना कई जीव-जंतुओं को जीवन देने का माध्यम है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती सुरक्षित रखने की दिशा में किया जाने वाला श्रेष्ठतम प्रयास है। अतः बड़े गुरुदेव 1008 श्री बाल गोविंद जी शांडिल्य का पुण्य-स्मरण पौध-रोपण के माध्यम से करना श्रेष्ठतम है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी को पौध-रोपण के लिए प्रेरित किया।

श्री बाल गोविंद जी शांडिल्य महाराज की स्मृति में लगाए गए शमी को आयुर्वेद की दृष्टि से अत्यंत गुणकारी माना गया है। साथ ही यज्ञों में शमी वृक्ष की समिधाओं का प्रयोग शुभ माना गया है। करूणाधाम आश्रम से जुड़े श्रद्धालुओं ने भी चिनार पार्क में पौधरोपण किया।

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