जिले में धार्मिक कार्यक्रमों व त्यौहारों के दृष्टिगत नवीन अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी

अपर कलेक्टर एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट श्री टोप्पो ने धारा 144 के तहत जारी किया आदेश

कटनी-कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के संबंध में मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। जारी निर्देशों के अनुपालन में अपर कलेक्टर एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट रोमोनुस टोप्पो ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को यथावत रखते हुये धार्मिक कार्यक्रमों एवं त्यौहारों को दृष्टिगत राते हुये नवीन अतिरिक्त दिशा-निर्देश शामिल किये गये हैं। जो कि सम्पूर्ण कटनी जिले के अंतर्गत प्रभावशील रहेंगे। इस आदेश के तहत प्रतिमा/ताजिये (चेहल्लुम) के लिये पण्डाल का आकार अधिकतम 30 बाई 45 फीट नियत किया गया है। झांकी निर्माताओं को निर्देशित किया गया है कि वे एैसी झांकियों की स्थापना एवं प्रदर्शन नहीं करें, जिनमें संकुचित जगह के कारण श्रद्वालुओं व दर्शकों की भीड़ एकत्र नहीं हो तथा सोशल डिसटेन्सिंग का पालन हो, इसकी व्यवस्था आयोजनकों द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। वहीं मूर्ति व ताजिये (चेहल्लुम) का विसर्जन संबंधित आयोजन समिति द्वारा किया जायेगा। विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिये अधिक 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिये आयोजनकों को पृथक से संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त रुप से विसर्जन के लिये अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाये ताकि विसर्जन स्थल पर काम पर कम भीड़ हो। कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुये धार्मिक व सामाजिक आयोजन के लिये चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिये सामूहिक चल समारोह भी अनुमत्य नहीं होंगे। लाउड स्पीकर बजाने के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर कोविड संक्रमण से बचाव के तारतम्य में झांकियों, पण्डालों, विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालुओ, दर्शकों को फेसकवर, सोशल डिस्टेन्सिंग एवं सैनेटाईजर का प्रयोग के साथ ही राज्य शासन द्वारा समय समय पर जारी किये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जायेगा। जारी निर्देशों का उल्लंघन करने पर धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।

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