लाड़ली लक्ष्मी योजना- लाड़ली को छात्रवृत्ति मिली तो पढ़ाई चल पड़ी

जिले में अब तक 5 हजार से अधिक बालिकाओं को दी गई है छात्रवृत्ति

कक्षा 6वीं, 9वीं और 11वीं व 12वीं में प्रवेश लेते ही भेजी गई खातों में राशि

कटनी – बालिकाओं के जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं का शैक्षणिक स्तर व स्वास्थ्य की स्थिति सुधारने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरूआत की थी। लोग बालिकाओं को बोझ न समझें, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने योजना में बालिका की पढ़ाई के लिए अलग-अलग कक्षाओं में प्रवेश के साथ ही सरकार की ओर से छात्रवृत्ति बालिकाओं के खातों में प्रदान करना शामिल किया ताकि उनकी पढ़ाई में किसी तरह की रूकावट न आ सके। योजना के अंतर्गत प्रदेश के साथ ही जिले में भी योजना में पंजीकृत बालिकाओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। छात्रवृत्ति की राशि मिलने जिले की 5 हजार से अधिक बालिकाएं अपनी पढ़ाई ठीक ढंग से कर पा रही हैं। प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरूआत वर्ष 2007 से की गई थी। जिसमें परिवार में बालिका के जन्म के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से प्रकरण तैयार कर बालिका को योजना में पंजीकृत किया जाता है। प्रकरण स्वीकार होने पर शासन की ओर से बालिका के नाम से एक लाख 18 हजार रूपये का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। योजना में यह भी शामिल है कि बालिका के कक्षा 6वीं में प्रवेश लेने पर उसके खाते में 2 हजार रूपये, 9वीं में प्रवेश पर 4 हजार रूपये और 11वीं व 12वीं में र्प्रवेश पर क्रमशः उसके खाते में ई पेमेंट की जरिए 6-6 हजार रूपये भेजे जाएंगे।

5628 बालिकाओं को मिल चुका है लाभ जिले में लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 72 हजार 462 बालिकाएं दर्ज हैं, जिनको योजना का लाभ महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से दिया जा रहा है। इसमें से कक्षा 6वीं, 9वीं और 11वीं व 12वीं में प्रवेश लेने वाली 5628 बालिकाओं को योजना के तहत छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है। दो दिन पूर्व ही प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जनकल्याण सुराज अभियान अंतर्गत वर्चुअल रूप से जिले की 312 लाड़लियों के खातों में राशि स्थानांतरित की थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में योजना के तहत पात्र बालिकाओं को ई-पेमेंट के माध्यम से उनके खातों में सीधे राशि भेजने का कार्य किया जा रहा है। जिसमें 6वीं में प्रवेश पर 3226, 9वीं में र्प्रवेश पर 1977, 11वीं में 389 और 12वीं में प्रवेश लेने वाली 36 बालिकाओं को योजना के तहत लाभ दिया गया है। साथ ही बालिका के 21 वर्ष की होने पर और एक मुश्त एक लाख रूपये उसके खाते में शासन द्वारा भेजे जाएंगे जबकि बालिका की शादी 18 वर्ष की होने पर हुई हो।

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