केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इजरायल के उन्नत कृषि अनुसंधान संस्थान (एआरओ), वोल्केनी केन्द्र का दौरा किया

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 10 मई 2022 को इजरायल में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत कृषि अनुसंधान संस्थान (एआरओ) के वोल्‍केनी केंद्र का दौरा किया। श्री तोमर ने भारतीय कृषि के संदर्भ में खेती-बाड़ी में तकनीकी प्रगति से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर इस संस्थान के विशेषज्ञों के साथ बातचीत की। विचार-विमर्श के मुद्दों में प्रमुख रूप से संरक्षित वातावरण में मुख्य फसलों की खेती, मीठे पानी में मछली पालन, उन्नत पौध संरक्षण तकनीक, शुद्धता के साथ कृषि, दूर से निगरानी करना और फसल कटाई के बाद की प्रक्रिया तथा प्रौद्योगिकी आदि शामिल हैं।

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इजरायल का एआरओ, वोल्केनी केन्द्र अपने छह संस्थानों के साथ इजरायल के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत काम कर रहे हैं, जो पादप विज्ञान, पशु विज्ञान, पादप संरक्षण, मिट्टी, जल एवं पर्यावरण विज्ञान, कृषि अभियांत्रिकी, फसल कटाई के बाद की प्रक्रिया और खाद्य विज्ञान के क्षेत्र में अकादमिक तथा बुनियादी अनुसंधान के लिए कार्यरत हैं। कृषि फसलों के लिए इजरायल का जीन बैंक भी एआरओ वोल्केनी केन्द्र के परिसर में स्थित है।

एआरओ इजरायल में विशेष रूप से शुष्क क्षेत्र की कृषि पर ध्यान केंद्रित करता है, जिससे खेती-बाड़ी के लिए आवश्यक सभी संसाधनों की कमी वाला यह देश भी दुनिया भर में कृषि उत्पादन के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने में सक्षम है। एआरओ अच्छी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में शामिल विभिन्न अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय व राष्ट्रीय संस्थानों तथा विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के साथ घनिष्ठ संबंध रखता है।

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भारत से लगभग 60 डॉक्टरेट उपाधि के फेलो एआरओ वोल्केनी केन्द्र के विभिन्न संस्थानों में अनुसंधान गतिविधियों में संलग्न होकर कार्य कर रहे हैं। फेलोशिप आम तौर पर तीन महीने से दो साल तक की अवधि के लिए होती है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भारतीय पोस्ट-डॉक्टरेट फेलो और एआरओ वोल्केनी केन्द्र के प्रमुख व्यक्तियों के साथ चर्चा की।

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