केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा, इसरो द्वारा सूचना, प्रणोदन और रोबोटिक्स / एआर / वीआर जैसे क्षेत्रों में प्रत्‍येक को अधिकतम 50 लाख रुपये के सहायता अनुदान के साथ छह स्टार्ट-अप का चयन और प्रोत्‍साहन

केन्‍द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी; पृथ्वी विज्ञान; प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने आज बताया कि इसरो द्वारा सूचना, प्रणोदन और रोबोटिक्स / एआर / वीआर जैसे क्षेत्रों में प्रत्‍येक को अधिकतम 50 लाख रुपये के सहायता अनुदान के साथ छह स्टार्ट-अप का चयन और प्रोत्‍साहन दिया गया।

लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में, डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा, इसरो ने अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोग के साथ एएनआईसी-एआरआईएसई-1.0 कार्यक्रम शुरू किया जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों की तलाश, चयन, समर्थन और पोषण करना है जो राष्ट्रीय महत्व की क्षेत्रीय चुनौतियां हल करते हैं। मंत्री ने कहा कि चौबीस स्टार्ट-अप ने अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिनमें से छह स्टार्ट-अप का चयन किया गया और प्रत्येक को अधिकतम 50 लाख रुपये का सहायता अनुदान दिया गया।

एएनआईसी-एआरआईएसई-1.0 में स्टार्ट-अप से परियोजना प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित अंतरिक्ष क्षेत्र की तीन चुनौतियां हैं: (i) भू-स्थानिक जानकारी, (ii) प्रणोदन और (iii) रोबोटिक्स / संवर्धित वास्तविकता / वर्चुअल रियलिटी।

एएनआईसी-एआरआईएसई-2.0 को अंतरिक्ष क्षेत्र की चार चुनौतियों के साथ शुरु किया गया है: (i) जीआईएस समाधान, (ii) प्रणोदन, (iii) नेविगेशन और (iv) अंतरिक्ष एप्लीकेशन के लिए एआई/एमएल मॉडलिंग, इन क्षेत्रों में स्टार्ट-अप से परियोजना प्रस्तावों की मांग करना। चयनित स्टार्ट-अप में प्रत्येक को अधिकतम 50 लाख रुपये का सहायता अनुदान दिया जाएगा।

Leave a Reply