शिवराज सरकार चाहती ही नही थी की जनहित के इन मुद्दों पर चर्चा हो – कमलनाथ

हमारे विधायकों ने बाढ़ की आपदा, राहत को लेकर, महंगाई पर, किसानो की समस्याओं पर, महिला अत्याचार पर, बेरोज़गारी पर, प्रदेश में ज़हरीली शराब से निरंतर हो रही मौतों पर, कोरोना पर, बढ़ते अपराधों पर, ओबीसी वर्ग के आरक्षण, आदिवासी वर्ग के सम्मान सहित कई विषयों पर इस सत्र में प्रश्न भी लगाये थे, ध्यानआकर्षण से लेकर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से भी कई जनहितैषी मुद्दों को उठाने की तैयारी भी की थी,

लेकिन शिवराज सरकार चाहती ही नही थी की जनहित के इन मुद्दों पर चर्चा हो इसीलिये पहले ही सत्र का समय कम रखा और बाद में उसे 4 घंटे में ही समाप्त कर दिया ?

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