श्योपुर को कुपोषण के कलंक से करना है मुक्त – मुख्यमंत्री श्री चौहान

जनता को सुशासन देना राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने 17 सितम्बर के सफल आयोजन के लिए श्योपुर जिला प्रशासन को दी बधाई
गरीबों तक सुगम राशन वितरण व्यवस्था में बाधा बन रहे लोगों पर करें सख्त कार्यवाही
जल जीवन मिशन में घटिया काम होने पर कलेक्टर होंगे जिम्मेदार
जन कल्याण की योजनाओं में कर्मचारियों द्वारा पैसे माँगने और अपराध प्रमाणित होने पर तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए उनकी सेवाएँ
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मॉर्निंग मीटिंग में की श्योपुर जिले की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विकास कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करें। यह हमारा कर्त्तव्य और धर्म है कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति को‍मिले, लोगों की कठिनाईयाँ दूर हों और उनका जीवन सुगम हों। शासन-प्रशासन के माध्यम से हमें जन-सेवा का मौका मिला है। हम ईमानदारी के साथ मिशन मोड में अपने कर्त्तव्यों को निभाएँ। इससे प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नवरात्रि के तीसरे दिन की शुभकामनाएँ देते हुए सुबह 7 बजे श्योपुर जिले की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने देवी माँ से विकास और कल्याण के लिए आशीर्वाद और कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म-दिवस 17 सितम्बर को श्योपुर जिले में हुए कार्यक्रम के बेहतर प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय पर हुई बैठक में श्योपुर के प्रभारी और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य राज्य स्तरीय अधिकारी और संभागायुक्त वर्चुअली शामिल हुए। श्योपुर कलेक्टर श्री शिवम वर्मा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वुर्चअली शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमें श्योपुर को कुपोषण के कलंक से मुक्त करना है। श्योपुर पिछड़ा और गरीबी से प्रभावित जिला है, यहाँ से बड़ी संख्या में पलायन भी होता है। जिले में गरीब कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो, राशन वितरण में कोई गड़बड़ न हो, यह सुनिश्चित करना और जनता को सुशासन देना राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिले में विशेष गतिविधियाँ संचालित की जाएँ। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्योपुर में संचालित विभिन्न विकास गतिविधियों, जन-कल्याणकारी योजनाओं तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान को बताया गया कि मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में जिले में 211 शिविर लगाए जाना है। अब तक 10 हजार 500 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिला प्रशासन के दल घर-घर जाकर पात्र हितग्राहियों के आवेदन लेकर मौके पर ही समाधान कर रहे है। अभियान में अब तक 7 हजार 200 व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रभारी मंत्री श्री कुशवाहा को अभियान की प्रगति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राशन वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि कुछ गाँवों में केवल 5-6 दिन राशन की दुकानें खुलने, कियोस्क से पर्ची नहीं देने की शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं। विजयपुर की 300 और कराहल की 23 शिकायतें दर्ज हैं। गरीब का राशन उन तक पहुँचाना सुनिश्चित करें। राशन वितरण में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करें। गरीबों तक सुगम राशन वितरण की व्यवस्था में समस्या उत्पन्न करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। दोषियों के विरूद्ध कालाबाजारी अधिनियम और अन्य विधिक प्रावधानों में कार्यवाही करें। बताया गया कि 11 व्यक्तियों पर एफ.आई.आर दर्ज कर 4 की गिरफ्तारी की गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जल जीवन मिशन में घटिया काम होने पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। मिशन में सामग्री की गुणवत्ता, कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करना और खोदी गई सड़कों का तत्काल रेस्टोरेशन प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाएं। अधिकारी और जन-प्रतिनिधियों के संयुक्त दल मिशन में जारी कार्यों का निरीक्षण करें। बताया गया कि जिले में 210 योजनाओं में कार्य जारी है, 77 पूर्ण हो गए हैं, 78 में कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना में मात्र 32 प्रतिशत कार्य होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की। बताया गया कि जिले में रेत की कमी के कारण आवास निर्माण में विलंब हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रेत की उपलब्धता संबंधी समस्या के समाधान के लिए मुख्य सचिव श्री बैंस को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आवास योजना के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री कम कीमत पर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जाएँ। आवास योजनाओं में राशि की अनुचित माँग के मामले में 4 कर्मचारियों को निलंबित तथा 2 की सेवाएँ समाप्त की गई हैं। साथ ही एक एफ.आई.आर भी दर्ज की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने पैसे माँगे है और अपराध प्रमाणित हो गया है, उनकी तत्काल प्रभाव से सेवाएँ समाप्त की जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशा के अनुरूप अमृत सरोवर का निर्माण किया जाए। बताया गया कि जिले में 104 अमृत सरोवर चिन्हित हैं, जिनमें से 52 पूर्ण हो गए हैं, 17 एक सप्ताह में पूर्ण होंगे तथा शेष का निर्माण अक्टूबर अंत तक कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ”एक जिला-एक उत्पाद” योजना को आजीविका के साधन के रूप में लिया जाए। यह योजना मात्र कर्मकाण्ड या कागजी बन कर नहीं रहे। बताया गया कि योजना में थाई, अमरूद कि खेती, ब्रॉडिंग और प्रोसेसिंग की जा रही है। कूनो नेक्टर के नाम से अमरूद के जूस की मार्केटिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस गतिविधि से जुड़े स्व-सहायता समूहों को विवाह तथा सामाजिक कार्यक्रमों में ऑर्डर भी प्राप्त होने लगे हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान को बताया गया कि आजीविका मिशन में 57 हजार दीदी कार्य कर रही हैं। कृषि क्षेत्र में 30 हजार, पशुपालन क्षेत्र में 12 हजार और लघु वनोपज से संबंधित गतिविधियों में 6 हजार 812 दीदी संलग्न हैं। आय में वृद्धि के लिए अमरूद के साथ हल्दी और टमाटर को प्रोसेस कर विक्रय की व्यवस्था के लिए कार्य किया जा रहा है। बताया गया कि श्योपुर में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 700 किसान जुड़े हैं। ड्रोन के माध्यम से जीवामृत का छिड़काव आरंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों की जानकारी लेते हुए कहा कि कूनो क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी। अत: बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। कूनो नेशनल पार्क की ब्राडिंग और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए दीर्घकालीन सुव्यवस्थित योजना बनाई जाए। बताया गया कि नामीबिया के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में जिले के पशु चिकित्सक चीतों की देखभाल कर रहे हैं। कूनो क्षेत्र में आजीविका मिशन से जुड़ी स्व-सहायता समूह की दीदी के द्वारा कैंटीन का संचालन शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्योपुर को कुपोषण के कलंक से मुक्त कराने के लिए आँगनवाड़ी स्तर पर सघन कार्य की आवश्यकता है। एडाप्ट एन आँगनवाड़ी अभियान में अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा गोद ली गई आँगनवाड़ियों के संचालन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। पोषण आहार वितरण की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बताया गया कि जिले की सभी 1226 आँगनवाड़ियों को एडाप्ट एन आँगनवाड़ी के तहत गोद लिया गया है। जिले में 529 स्व-सहायता समूहों के माध्यम से गर्म भोजन की आपूर्ति की जा रही है। कुपोषण से अधिक प्रभा‍वित 70 पंचायतों में विशेष गतिविधियाँ संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि किसानों, उपभोक्ताओं और विभाग के बीच सद्भाव के संबंध होने चाहिए। आगामी बोवनी के समय बिजली की अधिक माँग को देखते हुए अभी से कार्य-योजना बनाई जाए। निरंतर विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय पर बिजली बिल जमा कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिले में उर्वरक आपूर्ति, अटल प्रोग्रेस-वे, रोजगार दिवस की तैयारियों, मुख्यमंत्री भू-अधिकार योजना की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अटल प्रोग्रेस-वे भिंड, मुरैना और श्योपुर जिले की तस्वीर बदल देगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कलेक्टर को बैंकों के साथ प्रतिमाह बैठक करने तथा युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए प्रभावी और व्यवहारिक गतिविधियाँ संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि पुलिस जनता के साथ मित्रवत व्यवहार रखें। बताया गया कि जिले में एक करोड़ 55 लाख रूपये लागत की राजस्व की भूमि को माफिया से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने माफिया से मुक्‍त कराई गई भूमि पर सुराज कॉलोनी विकसित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि नशीली दवा के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए गत 6 माह में 94 प्रकरण एन.डी.पी.एस. एक्ट में दर्ज किए गए हैं। जिलाबदर, एन.एस.ए की कार्यवाही और पी.एफ.आई. की गतिविधियों में अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी दी गई।

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