LIC : इश्यू प्राइस से 20 फीसदी नीचे फिसला शेयर, जानिए क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?

मई महीने में स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हुई देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के शेयर में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार को शेयर 750 रुपये के करीब जा लुढ़का. कारोबार खत्म होने पर एलआईसी 3.13 फीसदी की गिरावट के साथ 753 रुपये पर बंद हुआ है.


आईपीओ प्राइस से 20 फीसदी नीचे
मंगलवार के ट्रेडिंग सेशन में एलआईसी के शेयर में आई बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एलआईसी ने अपने आईपीओ का इश्यू प्राइस 949 रुपये तय किया था. मंगलवार को शेयर 753 रुपये पर बंद हुआ है. इश्यू प्राइस से शेयर 196 रुपये नीचे ट्रेड कर रहा है. यानि एलआईसी अपने आईपीओ प्राइस से 20 फीसदी नीचे आ चुका है.

निवेशकों को 1.24 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
एलआईसी के शेयर में गिरावट का बड़ा झटका उन निवेशकों को लगा है जिन्होंने आईपीओ में निवेश किया था खासतौर से रिटेल निवेशक को. एलआईसी का मार्केट कैप घटकर 4.76 लाख करोड़ रुपये पर आ पहुंचा है. जबकि आईपीओ प्राइस के मुताबिक एलआईसी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ( Market Capitalization) 6 लाख करोड़ रुपये आंका गया था. यानि निवेशकों को अब 1.24 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.

17 मई को जब एलआईसी की स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग हुई थी उस दिन हिंदुस्तान यूनीलीवर को पीछे छोड़ मार्केट कैप के लिहाज से देश की पांचवी बड़ी कंपनी बन गई थी. लेकिन शेयर में भारी गिरावट के बाद एलआईसी ICICI Bank से नीचे सातवें स्थान पर जा पहुंचा है. आईसीआईसीआई बैंक का मार्कैट कैप 5.11 लाख करोड़ रुपये पर है. एलआईसी का मार्केट कैप 4.76 लाख करोड़ रुपये और उससे नीचे 4.13 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ एसबीआई आठवें स्थान पर है.


दरअसल बाजार को एलआईसी के वित्तीय परफॉर्मेंस को लेकर कई चिंताएं हैं. खासतौर से 2021-22 की चौथी तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमान के मुताबिक नहीं आये थे. इस तिमाही में मुनाफा 17 फीसदी घटकर 2410 करोड़ रुपये रहा था. जबकि 2020-21 की चौथी तिमाही में एलआईसी का मुनाफा 2920 करोड़ रुपये रहा था. हालांकि एलआईसी का प्रीमियम इनकम करीब 18 फीसदी बढ़कर 1.4 लाख करोड़ रुपये रहा था. पहले वर्ष के प्रीमियम से आय में 32.6 फीसदी का उछाल आया था. वहीं रिनुअल प्रीमियम से आय में 5.4 फीसदी का उछाल देखा गया था. कंपनी का निवेश से आय बढ़कर 67,800 करोड़ रुपये रहा है. 2020-21 में भी निवेश से आय 67,700 करोड़ रुपये रहा था. जानकारों का मानना है कि एलआईसी के शेयर में थोड़ी और गिरावट देखने को मिल सकता है क्योंकि बढ़ती महंगाई के साथ आर्थिक विकास की रफ्तार के धीमे पड़ने की आशंका के चलते भी एलआईसी के शेयर में गिरावट है.

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