मध्यप्रदेश में 31 दिसंबर 2014 से 31 दिसंबर 2020 के बीच शहरी क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर काबिज भूमिहीनों को सरकार पट्टे देकर उस जमीन का मालिक बनाएगी

भोपाल: मध्यप्रदेश में 31 दिसंबर 2014 से 31 दिसंबर 2020 के बीच शहरी क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर काबिज भूमिहीनों को सरकार पट्टे देकर उस जमीन का मालिक बनाएगी। राज्यपाल की अनुमति मिलने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति पट्टाधृति अधिकारों का प्रदाय किया जाना संशोधन अधिनियम लागू कर दिया है।
विधानसभा में चर्चा के बाद पारित हुए मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्र के भूमिहीन व्यक्ति संशोधन अधिनियम 2023 को राज्यपाल ने इसी माह 18 अप्रैल को अनुमति प्रदान की है। इसके बाद राज्य सरकार ने इस संशोधन अधिनियम को लागू कर दिया है। इस अधिनियम के लागू होंने से पहले प्रदेश में केवल 31 दिसंबर 2014 तक शासकीय, नजूल भूमि पर काबिज भूमिहीनों का चिन्हांकन कर पट्टे वितरित किए गए थे। उसके बाद से जितने भी लोग प्रदेशभर में शासकीय जमीन पर काबिज है और भूमिहीन भी है तो वे अतिक्रमणकारी की श्रेणी में आते है। उन्हें उस जमीन का किसी तरह का कोई अधिकार नहीं है। पट्टा मिले बिना सरकार उन्हें कभी भी वहां से हटा सकती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पट्टा वितरण के लिए तय समयसीमा में इजाफा करते हुए 31 दिसंबर 2020 तक के कब्जाधारक भूमिहीनों को पट्टा देकर उस जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति पट्टाघृति अधिकारों का प्रदान किया जाना संशोधन अधिनियम 2023 को विधानसभा में प्रस्तुत कर चर्चा कराई गई थी। पारित होंने के बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था। अब राज्यपाल की मंजूरी आ चुकी है। राज्य सरकार ने अधिनियम को प्रभावी कर दिया है।
अब आगे क्या-
इस संशोधन अधिनियम के तहत अब प्रदेश के सभी 52 जिलों के शहरी क्षेत्रों में शासकीय भूमि, नजूल भूमि, राजस्व भूमि पर काबिज ऐसे अतिक्रमणकारियों जो कि भूमिहीन है। उनके या उनके परिवार में किसी भी व्यक्ति के पास प्रदेश में कहीं भी कोई मकान, जमीन नहीं है ऐसे सभी भूमिहीनों का शहरी क्षेत्रों मेंं सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद शहरी क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार होगी। इसकी जांच भी कराई जाएगी कि इन व्यक्तियों के नाम से कभी पहले पट्टा या कोई सम्पत्ति आवंटित तो नहीं हुई थी। इन्होंने पहले आवंटित जमीन, मकान का पट्टा अन्य किसी को अंतरित, बेचने की प्रक्रिया तो नही की। जिनके नाम से कभी कोई पट्टा पहले आवंटित नहीं हुआ होगा उन्हें ही इस योजना के तहत पट्टा वितरित किया जाएगा। इसमें दिसंबर 2014 के बाद से 31 दिसंबर 2020 के बीच की अवधि में शासकीय भूमि पर काबिजो की सूची बनेगी। इसके बाद उन्हें जिला स्तर पर कलेक्टर पट्टा वितरण करवाएंगे। पट्टा मिलने के बाद वे उस जमीन के मालिक हो जाएंगे। वे उस जमीन के पट्टे पर आवास बनाकर रह सकेंगे। इसमें एक निर्धारित सीमा के पट्टे सभी को दिए जाएंगे। किसी को भी साढ़े चार सौ वर्गफीट से अधिक जमीन का पट्टा नहीं दिया जाएगा।

गोविन्द कोष्टा, रिपोर्टर छिंदवाड़ा

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