इस मंदिर को एक बार देखे बिना मृत्यु होना मतलब आप का भारत मे जन्म लेना व्यर्थ है।

चेन्‍नाकेशव मंदिर, बेलूर

भारत का गौरव दुनिया का अजूबा

यह मंदिर कर्नाटक राज्य के हासन ज़िले के बेलूर नामक ऐतिहासिक स्थान पर स्थित हैं।

यहमंदिरक़रीब900वर्षपुरानाहैं। इस मंदिर का निर्माण होयसल वंश के राजा विष्णुवर्धन द्वारा 1106 से 1117 के बीच करवाया गया था।
1104 में युद्ध जीतने की ख़ुशी में विष्णुवर्धन ने इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करवाया जो की 1117 में पूरा हुआ।

पुराने दिनों के दौरान, यह
“द्वारसमुद्र” के रूप में जाना जाता था, जिसका अर्थ है “समुद्र का द्वार”।

इस मंदिर की कई जगाह इतनी महीन शिल्पकारी है कि जिसे सामान्य आंखों से देख पाना ना मुमकिन है उसे देखने समझने के लिए मेग्नीफाइन ग्लॉस की जरूरत होती है सोचिये ये उस 10वी 11वी सदी के कारीगरों ने बनाया कैसे होगा जबकि मेग्नीफाईन ग्लास की खोज 1296 में इंग्लैंड में हुई है।

आधुनिक दुनिया मे होली की पिचकारी की खोज और पेटेंट 1896 का है पर इस मंदिर के शिल्पों में 10वी 11वी सदी में ही होली में पिचकारी का उपयोग करते हुवे शिल्प है जिन्हें हाली ही में खोजा गया है

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दीपक सराठे
संवाददाता DG News निष्पक्ष खबर
9756073239

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