यात्रियों की लोकप्रिय ट्रेन डेमू को मिली हरी झंडी, फरवरी में मऊ से भीलवाड़ा तक चलेगी डेमू ट्रेन

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रिपोर्टर मंगल देव राठौर की न्यूज

सूत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार 22 मार्च 2020 से लॉकडाउन के चलते बंद पड़ी यात्रियों की सबसे लोकप्रिय ट्रेन डेमू को चलाने के लिए रेलवे के वरिष्ठ कार्यालय से हरि झंडी मिल गई है। *
इसको लेकर दो बार पहले पहल की थी। इसके लिए मुंबई में चल रही उपनगरीय ट्रेन का उदाहरण देकर डेमू को चलाने की मंजूरी मांगी गई थी। शुक्रवार को मंजूरी मांगी गई एवं बुधवार को इसके लिए सकारात्मक आदेश जारी हो गए। अब फरवरी माह से मऊ से लेकर भीलवाड़ा तक डेमू ट्रेन चलेगी। लेकिन यह पूरी तरह से आरक्षित होगी। आरक्षित ट्रेन में डिब्बों में सीट नंबर डालने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। पत्रिका ने भी इस मामले को उठाया था। रेल मंडल में 22 मार्च 2020 से कोरोना काल के चलते डेमू और मेमू एवं अन्य ट्रेनों को बंद कर दिया गया था। इंदौर से रतलाम, रतलाम से इंदौर, रतलाम से मंदसौर, मंदसौर से रतलाम, मंदसौर से चित्तौड़गढ़ चित्तौड़गढ़ से भीलवाड़ा तक के छोटे बड़े समस्त स्टेशनों के यात्रियों के लिए यह ट्रेन बहुत ही पसंदीदा एवं लोकप्रिय रही है। इसकी वजह से कम किराए में लंबी यात्रा कराने वाली यह रेल मंडल में एकमात्र ट्रेन है। *चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र सांसद “सीपी जोशी”, मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता, रतलाम सांसद गुमानसिंह डामोर, उज्जैन सांसद अनिल फिजोरिया, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, व केंद्रीय मंत्री राज्यसभा सांसद डॉक्टर थावरचंद गहलोत*, ने हाल ही में पश्चिम रेलवे के *महाप्रबंधक आलोक कंसल* के साथ हुई बैठक में भी इस ट्रेन सहित मेमो ट्रेन को चलाने के लिए पहल करने को कहा था। इसके बाद हाल ही में रेलवे के *डीआरएम विनीत गुप्ता* ने फिर से प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इस प्रस्ताव में मुंबई में चल रही उपनगरीय ट्रेन का हवाला देकर डेमू व मेमो ट्रेन को चलाने का आधार बताया गया था। इसके बाद ही अब आदेश जारी किए गए हैं। रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार मीणा ने डॉ. अंबेडकर नगर महू से इंदौर के रास्ते रतलाम होते हुए भीलवाड़ा तक डेमू ट्रेन चलाने के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार पूर्णत: आरक्षित रूप से मऊ से इंदौर रतलाम भीलवाड़ा डेमू ट्रेन चलाया ना प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए इस ट्रेन के हर सीट पर नंबर होना जरूरी है। इसके लिए डी – 1 व स्लीपर स्तर के डिब्बे होना जरूरी है। दोनों ट्रेनों के हर डिब्बे में सीट नंबर प्राथमिकता से डाले जाए।

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