परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट परीक्षार्थी सितंबर में आयोजित होने वाली परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 1 अगस्त से 10 अगस्त तक पंजीयन करा सकेंगे

डीजी न्यूज इंडिया
मन्दसौर से ब्यूरो चीफ
मंगल देव राठौर की
खास रिपोर्ट
मो.+918305357955

भोपाल। 29 जुलाई को स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने माध्यमिक शिक्षा मंडल में कक्षा 12वीं का सिंगल क्लिक के माध्यम से परीक्षा परिणाम जारी किया। श्री परमार ने कहा कि बेस्ट ऑफ फाइव मूल्यांकन पद्धति के आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार किया गया है। सभी विद्यार्थियों को उत्तीर्ण किया गया है। परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है, जिसमे 52.28 प्रतिशत परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 40.28 प्रतिशत परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी में और 7.43 प्रतिशत परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। शिक्षा विभाग ने छात्रों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर परीक्षा परिणाम तैयार किया है।
श्री परमार ने कहा कि जो परीक्षार्थी अपने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट है, वे सितंबर माह, 2021 में आयोजित होने वाली परीक्षा में संपूर्ण विषयों अथवा किसी विषय विशेष की परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। ऐसे परीक्षार्थी एक अगस्त से 10 अगस्त 2021 तक परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन करा सकेंगे। ऐसे परीक्षार्थियों का परीक्षा के आधार पर तैयार परीक्षा परिणाम ही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 6 लाख 56 हज़ार 148 नियमित परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किये गए हैं। इनमें 3 लाख 43 हज़ार 64 (52.28 प्रतिशत) परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 2 लाख 64 हज़ार 295 (40.28 प्रतिशत) परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी में और 48 हज़ार 787 (7.43 प्रतिशत) परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। इस प्रकार इस वर्ष का परीक्षाफल शत-प्रतिशत रहा है।
स्वाध्यायी परीक्षार्थियों का भी परीक्षा परिणाम हाईस्कूल परीक्षा के आधार पर तैयार किया गया है। कुल 71 हज़ार 996 स्वाध्यायी परीक्षार्थियों में 19 हज़ार 925 (27.67 प्रतिशत) परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 33 हज़ार 944 (47.14 प्रतिशत) परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी में और 18 हज़ार 126 (25.17 प्रतिशत) परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। अन्य राज्य या बोर्ड के कुल 6 हज़ार 348 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम के लिए उनकी 10वीं की अंकसूची का सत्यापन किया जा रहा है। अंकसूची सत्यापन के बाद इन परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम भी घोषित किया जायेगा।
परीक्षा परिणाम के संबंध में छात्रों की शिकायत निवारण के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है। यदि किसी छात्र को अंको के संबंध में कोई शिकायत है तो वह एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर बनाए गए विशेष साफ्टवेयर के माध्यम से अपना अनुक्रमांक एवं आवेदन क्रमांक अंकित कर हाईस्कूल के विषयवार अंक एवं इसके आधार पर मैप किये गये हायर सेकेण्डरी परीक्षा के विषयों के अंक के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।
परीक्षार्थियों को दी जा रही अंकसूचियों में यदि किसी प्रकार की लिपिकीय त्रुटि है तो परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से तीन माह की अवधि तक उसे ठीक कराने के लिये निःशुल्क व्यवस्था है। तीन माह तक किसी प्रकार का सुधार न कराने वाले छात्र-छात्राओं को बाद में ऐसे सुधार कराने के लिये स-शुल्क आवेदन करना होगा।

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