मौन साधना मानसिक शांति एवं आत्मिक चेतन्यता का मौलिक सिद्धांत है: डॉ. प्रशांत बारेदार

टीम सिद्धेश्वर ने ब्रीदिंग एक्सरसाइज एवं संगीत के जरिए तनाव मुक्ति के दिए टिप्स

भोपाल. साइलेंस का अभ्यास करने से हमारे आंतरिक वातावरण का निर्माण होता है, जो हमारे विचारों, शब्दों और कार्यों में एक स्पष्टता लाता है, हमारी भावनाओं को संतुलित करता है, जिससे तनाव, चिंता, व्याकुलता और अवसाद को दूर करने में मदद मिलती है और शांति एवं आनंद का अनुभव होता है। यह कहना है मैनिट के ऊर्जा केंद्र के हेड डॉ. प्रशांत बारेदार का। डॉ. बारेदार मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सोशल इनीशिएटिव मनोदर्पण के तहत मैनिट में आयोजित हुई ऑनलाइन कार्यशाला के अवसर पर तकनीकी छात्र-छात्राओं एवं प्रोफ़ेसर को संबोधित कर रहे थे। वहीं यूएसए फ्लोरिडा मियामी कि वैलनेस थैरेपिस्ट शिल्पा ने कहा कि अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में छपे एक शोध के अनुसार सौ ग्राम या इससे अधिक शुगर खा लेने की स्थिति में श्वेत रुधिर कणिकाओं की रोगाणुओं को मारने की क्षमता पांच घंटे तक के लिए कमजोर पड़ जाती है। इसलिए कोविड-19 महामारी के चलते शुगर कम खाएं. आहार में एंटीऑक्सिडेंट की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। एंटीऑक्सिडेंट बीमार कोशिकाओं को दुरुस्त करते हैं और सेहत बरकरार रखते हुए उम्र के असर को कम करते हैं। बीटा केरोटिन, सेलेनियम, विटामिन-ए, विटामिन-बी2 व बी6, विटामिन-सी, विटामिन-ई, विटामिन-डी तथा जिंक रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं। इन तत्त्वों की भरपाई के लिए गाजर, पालक, चुकंदर, टमाटर, फूलगोभी, खुबानी, जौ, भूरे चावल, शकरकंद, संतरा, पपीता, बादाम, दूध, दही, मशरूम, लौकी के बीज, तिल आदि उपयोगी हैं। हरी सब्जियों-फलों को विशेष रूप से भोजन में शामिल करें। ऐसा करने से हमारे शरीर की इम्युनिटी बढ़ेगी. सिद्धेश्वर टीम द पावर ऑफ सोल की मास्टर नीता ने बताया कि छोटी-छोटी ब्रीदिंग एक्सरसाइजेज के द्वारा फेफड़ों की शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने स्वस्थ सात्विक भोजन, योग, ध्यान, संगीत, एवं वॉकिंग को जीवन में उतारने के लिए कहा.

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