मैनिट पीएचडी स्कॉलर्स के चेहरे खिलखिलाए, 2 वर्ष 4 महीने बाद खाते में आई एचआरए की राशि स्कॉलर्स ने व्यक्त किया राजकुमार मालवीय का आभार

स्कॉलर्स ने जताया राजकुमार मालवीय के प्रति आभार

भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के पीएचडी स्कॉलर्स के खातों में स्टाइपेंड का 16% एचआरए की राशि अकाउंट सेक्शन द्वारा डाल दी गई है। विदित हो कि स्कॉलर्स जुलाई 2019 से ही मैनिट प्रशासन से लगातार मांग कर रहे थे कि भारत सरकार के नियमानुसार उन्हें एचआरए की राशि दी जाए। पीएचडी स्कॉलर्स भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को भी अपनी इस मांग से अवगत करा चुके थे। राजकुमार मालवीय के नेतृत्व में स्कॉलर्स ने एचआरए की राशि दिए जाने के लिए मोर्चा खोले रखा और अंततः इस महीने 2019, 2020 एवं 2021 अकादमिक सत्र के पीएचडी स्कॉलर्स के खातों में एचआरए की राशि मैनिट प्रबंधन द्वारा डाल दी गई है। सभी पीएचडी स्कॉलर्स ने अपने लीडर राजकुमार मालवीय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।

पीएचडी स्कॉलर सत्यम मिश्रा ने बताया कि हमारे लीडर राजकुमार मालवीय सर लगातार हमें मोटिवेट करते रहे और उनके अथक प्रयासों का परिणाम है कि आज मैनिट प्रबंधन द्वारा हमें एचआरए की राशि दे दी गई है।पीएचडी स्कॉलर अरुण कुमार का कहना है कि हम तो एचआरए की राशि की उम्मीद ही छोड़ चुके थे परंतु राजकुमार मालवीय सर इस पर कार्य कर रहे थे। उनकी सकारात्मक पहल से यह कामयाबी हासिल हुई है।वही राजकुमार मालवीय ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, वर्तमान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मैनिट डायरेक्टर डॉ. नरेंद्र रघुवंशी एवं शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा है कि शीघ्र ही एचआरए की रुकी हुई राशि एरियर्स के रूप में स्कॉलर्स को दी जानी चाहिए। कोविड-19 महामारी के चलते पीएचडी स्कॉलर्स का डेढ़ साल का समय खराब हुआ है इसलिए उन्हें अतिरिक्त डेढ़ साल का समय दिया जाना चाहिए ताकि वे एससीआई/एससीआईई रिसर्च जर्नल्स में अपने शोध पत्र प्रकाशित कर सकें।

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