Mass marriage: फर्जी शादी रोकने सरकार की ये ट्रिक..जानिए

सीएम सामूहिक विवाह योजना में बढ़ी नियमों की उलझन,फर्जी शादियां रोकने के चक्कर में कठिन प्रक्रिया, निगम में नहीं हुआ एक भी कन्या का रजिस्ट्रेशन

छिंदवाड़ा/मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत होनेवाले सामूहिक विवाह में शामिल होना विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए आसान नहीं होगा। पिछले साल 2019 में बड़ी संख्या में 48 हजार रुपए पाने के चक्कर में हुई फर्जी शादियों से सबक लेकर सरकार ने नियम सख्त बना दिए हैं। इस बार विवाह का आवेदन आने पर पहले शहरी क्षेत्र में वार्ड मोहर्रिर और ग्रामीण में सचिव मैदानी पड़ताल करेंगे। फिर उनकी वेरीफिकेशन रिपोर्ट के बाद निकाय में उनका पंजीयन होगा। इस कड़ाई के चलते फरवरी में प्रस्तावित नगर निगम के सामूहिक विवाह के लिए अभी तक एक भी पंजीयन नहीं हुआ है। आवेदन जरूर बड़ी संख्या में बांट दिए गए हैं।

नगर निगम की विवाह शाखा के बाहर सूचना फलक पर साफ तौर पर फर्जी शादियां रोकने के सख्त नियम लगाए गए हैं। नियम में साफ है कि जिस युवक-युवतियों के नाम पर आवेदन होगा,उसकी पहले कहीं शादी तो नहीं हुई है,यह विशेष रूप से देखा जाएगा। इसके साथ ही उनसे शपथ पत्र लिया जाएगा। यदि युवती किसी दूसरे ब्लॉक या जिले की है तो उसके बारे पहले संबंधित निकाय के सीएमओ या जनपद सीइओ से रिपोर्ट मांगी जाएगी। इन सब प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही विवाह रजिस्ट्रेशन होगा। फिर उस जोड़े की शादी सामूहिक विवाह मंडप पर हो सकेगी। केवल निगम ही नहीं बल्कि पूरे जिले के नगरीय निकाय और जनपद पंचायतों में यह नियम लागू होंगे। इस प्रक्रिया से पिछले साल 2019 में जितने विवाह हुए थे,उनकी संख्या घटकर आधी होने की संभावना है।

एक फरवरी को सामूहिक विवाह पर संशय
नगर निगम परिषद द्वारा हाल ही में बैठक लेकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की तिथि एक फरवरी तय की गई थी लेकिन इसे टाल दिया गया है। विवाह को लेकर अधिकारी-कर्मचारी असमंजस में हैं क्योंकि इस विवाह में मुख्य अतिथि बतौर सीएम कमलनाथ को शामिल होना है। सीएम की तिथि न मिल पाने से तैयारी ठंडे बस्ते में हैं। अभी तक विवाह का एक रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है।

459 जोड़ों का नहीं आया बजट,कलेक्टर ने फिर लिखा पत्र
पिछले साल 2019 के सामूहिक विवाह में शामिल 459 जोड़े अभी भी नगर निगम समेत सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। प्रत्येक के खाते में 48 हजार रुपए की राशि नहीं पहुंच सकी है। सामाजिक न्याय विभाग के रिकार्ड के अनुसार छिंदवाड़ा नगर निगम के 186 तथा जुन्नारदेव नगर पालिका के 104 जोड़े के अलावा दूसरे निकायों के वर-वधु प्रतीक्षा सूची में शामिल है। इनकी करीब 2.34 करोड़ रुपए की राशि अब तक शासन से नहीं मिली है। इसका पहले कारण वेरीफिकेशन बताया गया था। इसकी रिपोर्ट जमा होने पर भी बजट नहीं आ पा रहा है। जिला पंचायत के अतिरिक्त सीइओ सुशील गुप्ता का कहना है कि बजट के लिए कलेक्टर की ओर से राज्य शासन को पत्र लिखा गया है। इस संबंध में विभागीय वीडियो कान्फ्रेंस में चर्चा हुई है। जल्द ही बजट आने की संभावना है।

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