कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास रिठौरा कला का मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा

अनियमितता बरतने वालों में मचा हड़कंप

मुरैना——-कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय छात्रावास रिठौरा कला का मामला जैसे ही अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो अनियमितता बरतने वालों में हड़कंप मच गया आपको बता दें कि कोरोना काल में भी रसोइयों में मीना खटीक,गुड्डी प्रजापति,विमला, व मीना प्रजापति ने अपनी जान की बाजी लगाकर कार्य किया था और अभी भी कर रहीं हैं लेकिन रसोइयों का मानदेय भुगतान ना होने से रसोइयों को अपनी आजीविका चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है गरीब मजदूर रसोइयों को यही लालच रहता है कि मानदेय मिल जाएगा लेकिन इतने समय तक मानदेय न मिलना एक आश्चर्यजनक बात भी है जहां पर गरीब मजदूर भूखों मरने की कगार पर है तब मानदेय भुगतान न होने से रसोईयों द्वारा वार्डन मधु तोमर से संपर्क किया तो वार्डन ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि आप शिकायत कलेक्टर पर करके आइए लेकिन आप का भुगतान नहीं होगा आप का भुगतान तभी होगा जब आप दस हजार ₹(10000 )मेरे को देंगे तभी मजबूर होकर रसोइयों द्वारा पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए जिसमें मामला सॉल्व हुआ पांच ₹5000 रुपए मांगने का 25/8/ 2020 को मुरैना कलेक्टर को शिकायती आवेदन देकर मानदेय भुगतान कराने की गुहार लगाई जब उस आवेदन पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई दूसरी बार वार्ड बाय से पुनः संपर्क किया लेकिन वही वार्डन की भाषा थी कि आप तब तक मेरे को दस हजार ₹(10000) रुपए नहीं देंगे तब तक मानदेय भुगतान नहीं किया जाएगा सभी रसोइयों ने दूसरी बार 29/09 /2020 को पुनः जिला कलेक्टर मुरैना को आवेदन देते हुए गुहार लगाई लेकिन उस आवेदन पर भी आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई जब कि राज्य शासन से 11/11/ 2020 में समस्त कलेक्टरों को रसोइयों का भुगतान हेतु आदेश भी जारी कर दिया है जो कि आज दिनांक तक रसोइयों को वार्डन द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है मानदेय भुगतान नहीं किया गया है इसी प्रकार अध्यापिकायें भी रिमेडियल टीचर के पद पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय छात्रावास रिठौरा कला में कार्यरत होकर कार्य किया उनको भी आज दिनांक तक मानदेय भुगतान नहीं किया गया है जब इसकी भनक पत्रकारों को लगी तब दैनिक भारतीय जन युग समाचार पत्र मे ,,कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय रिठौरा कला में कई माह से नहीं दिया गया रसोइयों एवं अध्यापिकायों का मानदेय,,नामक शीर्षक खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था तब यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो अनियमितता बरतने बालों में हड़कंप मच गया जहां पर वार्डन मधु तोमर द्वारा रसोइयों से कहा गया कि आप मेरे को एक आवेदन पर साइन करके दो कि हमारा मानदेय भुगतान हो चुका है क्योंकि आप मेरे कार्यकाल में नौकरी कर रही हैं अन्यथा आप को हटा दिया जाएगा इस प्रकार कहा जाता है कि चोरी की चोरी और सीनाजोरी जैसा हाल वार्डन मधु तोमर द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय छात्रावास रिठौरा कला में किया जा रहा है तथा वहां पर पदस्थ चौकीदार को भी उम्र ओव्हरेज होने के कारण निकाल दिया गया है जबकि उसका मेडिकल टेस्ट कराने के बाद निकालना था सूत्रों से जानकारी मिली है कि वही पर सांठगांठ कर कोई और चौकीदार रखा गया है जबकि वहां पर कई वर्षों से पदस्थ चौकीदार को निकाल दिया गया है जिसकी जानकारी जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों को भी नहीं है तथा इस प्रकार वार्डवाय अपनी ऊंची पहुंच बताते हुए अपना दबदबा कायम किए हुए हैं। इनका कहना है कि,

मेरे द्वारा इस पूरे प्रकरण को संज्ञान में लिया जा रहा है तथा मैं अभी ऑडिट में हूं हमारे यहां अभी ऑडिट चल रहा है मेरे द्वारा अनियमितताओं की जांच करा कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुन्ना सिंह तोमर

जिला समन्वयक (D.P.C.)
मुरैना

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