निष्काम सेवाकर्मियों की कभी हार नहीं होती —— कलेक्टर जैन

निष्काम सेवाकर्मियों की कभी हार नहीं होती —— कलेक्टर जैन
संत शिरोमणि माँ शीला देवी का जीवन अनुकरणीय — डॉ संजय शर्मा
ब्रहमलीन होकर प्रभु के चरणों में पहुँची माँ शीला देवी
22 मरीजों ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प
59 मरीज और 8 सेवक हुए उपस्थित

मुरैना—— कल दिनांक 25 अप्रैल 2021 को मेजर राम कुमार शर्मा परमार्थ न्यास में प्रभु श्री सीताराम जी की पूजा अर्चना, रामचरित मानस का पाठ एवं 59 मरीजो ने अपना परीक्षण करा के उपचार कराया, विषय बार मरीजो की संख्या इस प्रकार रही -दन्त रोग23, मेडिसिन21, नाक कान गला11, सर्जरी2, अस्थि रोग1, नैत्र रोग1 अन्य उक्त शिविर में विशेष रूप से निम्न कार्य सम्पादित किये गए -दांतों के सेट 0, ब्लड प्रेसर की जाँच 6, गर्दन के मरीजो को ट्रैक्शन 0, ई.सी.जी 0, इंडियन डेंटल एसोसिएशन के तहत तम्बाखू, बीड़ी, सिगरेट, शराब से ग्रसित मरीज 0 नशा छोड़ने का संकल्प लिया22, फिजियोथेरेपी मशीन से उपचार0 ,अकुप्रेसर से उपचार 0, एम्स में पंजीयन0, इसके अलावा स्व. अंकित जैन स्मृति दन्त चिकित्सा कक्ष मे- दांत शल्य क्रिया5, अल्ट्रासोनिक मशीन से पायिरिया का इलाज़3, परमार्थ न्यास में आँखों की डिजिटल जांच की सुविधा स्व. प्रकाश शर्मा स्मृति कक्ष मे प्रारंभ हुई जिसमे – आँखों की जाँच 0 एवं इलेक्ट्रिकल लैंप के माध्यम से चश्मे का नंबर प्रदान किये। होमियोपैथी चिकित्शा का भी मरीजो ने लाभ लिया एवं चिकित्सक द्वारा निशुल्क दवाई भी प्रदान की गई। डिप्रेशन,एन्जाइटी,फोबिय जैसे मानसिक रोगियों की काउंसिलिंग कर साइको थैरेपीप्रदान की गई है। निष्काम भाव से सेवको ने सेवा की। डॉ संजय शर्मा, कुलदीप सक्सेना, संतोषीलाल शर्मा, हरिकंठ, मयूर अग्रवाल, गौरव ढोलकर्, मनीराम, अरुण पात्र, आदि ने नि:शुल्क सेवाए प्रदान की।
प्रत्येक रविवार की तरह सभी समाजसेवियो ने अपनी सेवायें परमार्थ न्यास में यथावत प्रदान की।भगवान स्वरूप में पधारे हुये सभी मरीजों ने अपना ईलाज कराया। आज परमार्थ न्यास में डॉ संजय शर्मा ने बताया की संतों के शिरोमणि स्व. रामभूषण दास जी महाराज जो एक ऐसे उदाहरण है जो मुरैना क्षेत्र के लिए गौरव हैं। उनकी धर्मपत्नी माँ शीला देवी अब हमारे बीच में नहीं है लेकिन उनका आशीर्वाद, उनकी कृपा हम सब पर हमेशा बनी रहे। एम.एस रोड पर स्थित डॉ राजपूत के बगल में एक स्थान हैं जिसमे विगत कई वर्षों से रामभूषण दास जी महाराज अपनी धर्मपत्नी माँ शीला देवी के साथ भगवान की सेवा और भगवत भजन में ही लील रहते थे। खरिका निवासी दोनों ही विवाह के बाद भी वैरागी थे। कभी उनमे आपस में पति- पत्नी के संबंध नहीं रहे। रामभूषण दास जी महाराज 2005 मे शरीर छोड़ा था। वे करह धाम के बड़े महाराज जी के शिष्य थे। वही उनका शरीर छोड़ने के बाद संत श्री शिरोमणि माँ शीला देवी ने उस स्थान को उनकी याद में सदैव सीताराम जी में ही स्वयं को लगाए रखा। वे करुणा की मूर्ति थी और उन्हें कोई मान- सम्मान या कोई भी अहंकार कभी नहीं आया। वे बड़े सरल भाव की थी। महाराज जी जब थे उनके बारे में बताया जाता हैं कि एक दिन माचिस नहीं थी तो उन्होंने किसी से माचिस भी नहीं मांगी थी तब करह धाम में छोटे महाराज जी को स्वप्न हुआ कि रामभूषण जी के पास माचिस नहीं है उनका भोजन नहीं बन रहा है तो वहाँ से माचिस पहुँचाई गयी। माँ शीला देवी ने अपने पति के स्वर्गवास के बाद अभी तक का समय पूरा भगवान की सेवा में ही लगाया। पिछले कुछ दिनों से वे काफी अस्वस्थ थी दो दिन पहले उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया। उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम था और यह आशार्य की बात है कि जब ऑक्सीजन लेवल 80 के आस पास आता है तो चिकित्सक भी घबरा जाते है। वही वे आई. सी. यू में केवल 40 ऑक्सीजन सैचुरेशन पर भी मुस्कुराहट के साथ अभिवादन कर रही थी, आशीर्वाद दे रही थी, भोजन भी ग्रहण कर रही थी। मंदिर से बुलाकर उनने तुलसी और गंगा जल भी ग्रहण किया और भगवान श्री सीताराम जी का नाम लेते हुए उनने प्राण छोड़ दिए और वे वापिस उस प्रभु के चरणों मे पहुँच गयी जहाँ हम सबको जाना है। उनका आशीर्वाद, उनका प्रेम, उनकी भक्ति हम सबको मिले ऐसी मैं प्रभु से कामना करता हूँ। करह धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया सभी ने नम आँखों से उन्हें श्रधांजलि दी। ज्ञात हो की औरछा धाम में महाराज श्री एवं बाई महाराज का औरछा के महाराज एवं महारानी का इस रूप में पुनर्जन्म मानते हुए वहाँ बुलाकर स्वागत किया ऐसा वहाँ के राजाराम जी के मंदिर के पुजारी को भगवान के द्वारा स्वप्न में आदेश देने पर किया गया। आज परमार्थ न्यास की सेवा में संयुक्त कलेक्टर मुरैना श्री संजीव जैन वीडियो कॉंफ़्रेंसिंग के द्वारा जुड़े हुए थे। जिसमे घर पर आइसोलेट किए हुए कोरोना के संक्रमित मरीजों के लिए की जा रही थी। श्री संजीव जैन ने कहा कि निष्काम सेवाकर्मियो की कभी हार नहीं होती। सभी संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर अपने परिवार, समाज एवं देश की सेवा में लग जाएंगे।
जरूरमंदो के लिए एक पहेल –
हमारा परमार्थ न्यास किचन रेस्टोरेंट के बगल में शर्मा डेंटल क्लिनिक के ऊपर हर रविवार गरीबों व जरूरतमंदो को निशुल्क उपचार, दवाईयां और कपड़े उपलब्ध कराता है। अगर किसी के घर में जो दवाईयां और कपड़े उपयोग में ना हो वो लोग गरीबों व जरूरतमंदो के उपयोग हेतु हमे प्रदान कर सकते हैं या स्वयं शर्मा डेंटल क्लिनिक या परमार्थ न्यास पर आकर स्वयं दान दे सकते हैं। आपकी एक पहल जरूरतमंदो के बहुत काम आएगी।
• सभी शहर वासियों से निवेदन है कि इस डीप फ्रीजर का उपयोग आवश्यकता होने पर किसी भी समय परमार्थ न्यास से संपर्क किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर इन नंबरों 9827090180 , 8602434147 पर संपर्क कर सकते है।
• अत्याधुनिक एंबुलेंस जिसमे कार्डियक् मॉनिटर लगा हुआ है इस एंबुलेंस का उपयोग आवश्यकता होने पर किसी भी समय परमार्थ न्यास से संपर्क किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर इन नंबरों 9827090180 , 8602434147 पर संपर्क कर सकते है।

  • जय श्री सीता राम।।।

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