लापरवाही: बिना सुरक्षा गोताखोर को पानी में मेंटेनेंस करने भेज दिए थे अधिकारी

Sulekha kushwaha

Updated: 20 Jul 2020, 03:45 PM IST

गोताखोर की मौत के बाद प्रबंधन और कंपनी एक दूसरे के पाले में डाल रहे गेंद

शहडोल। बाणसागर डैम के भीतर मेंटेनेंस के लिए पानी में उतरे गोताखोर की मौत मामले में प्रबंधन और ठेका कंपनी की लापरवाही सामने आई है। बिना सुरक्षा उपाय के गेट बंद किए गोताखोर को भेज दिया गया था। कर्मचारी की मौत के मामले में बाणसागर परियोजना प्रबंधन और मप्र विद्युत पावर जनरेशन कंपनी एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। बाणसागर परियोजना प्रबंधन का कहना है कि बिना अनुमति और बिना किसी संसाधन के कर्मचारी को मेंटेनेंस करने के लिए पानी के अंदर उतार दिया गया। जबकि बिजली कंपनी ने 27 जुलाई को मेंटेनेंस के लिए पत्र लिखा था। कर्मचारी मनीष मिश्रा हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला था। मंगलवार को बिजली अधिकारियों द्वारा मनीष मिश्रा को बिना किसी संसाधन के गेट का लीकेज बंद करने पानी के अंदर भेज दिया था। मेंटेनेंस करने के बाद मनीष मिश्रा दोपहर 12 बजे निकला लेकिन इसके बाद मनीष मिश्रा फिर पानी में मेंटेनेंस करने के लिए चला गया था लेकिन वापस नहीं लौटा । कर्मचारी उसके पानी से बाहर निकलने का इंतजार करने लगे लेकिन पांच घंटे बीतने के बाद भी जब वह बाहर नहीं निकला तो फिर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से कर्मचारी की तलाश शुरू कर दी। देर रात एक बजे रेस्क्यू के दौरान पानी में फंसा शव मिला। पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
अधिकारी बोले- हम बाहर थे, अनुमति नहीं दी, फिर भी उतार दिया कर्मचारी
अधिकारियों का कहना है कि अनुमति नहीं दिए थे। 28 जुलाई जब अधिकारी बाहर थे तब बिना अनुमति के कर्मचारी को पानी में उतार दिया। पावर हाउस में पानी आ रहा था। तीन गेट में से एक गेट के अंदर लीकेज था। इस पर बिजली कंपनी को गेट डालना था और लाक करके पानी रोकना चाहिए था तब कर्मचारी पानी के अंदर उतारना था लेकिन इसमें लापरवाही बरती गई। इधर बिजली कंपनी का कहना है कि उसने 27 जुलाई को बाणसागर परियोजना प्रबंधन को इस संबंध में पत्र लिख दिया था।

बिजली कंपनी ने 27 जुलाई को पत्र लिखा था और 28 जुलाई को बिना अनुमति लिए कर्मचारी को पानी के अंदर उतार दिया गया। इस दौरान बिना किसी संसाधन के कर्मचारी पानी के अंदर गया था। जांच करा रहे हैं।
हरीश तिवारी, कार्यपालन यंत्री पक्का बांध बाणसागर जल संसाधन विभाग

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