उत्तराखंड प्रदेश में गौ सेवा के नाम पर भूपेंद्र कोरंगा फर्जी ट्रस्ट बिना किसी रजिस्ट्रेशन संचालित अवैध चंदा वसूली हेतु

राष्ट्रीय सूचनाधिकार मानवाधिकार एवं पर्यावरण संगठन (Regd) ने उत्तराखण्ड प्रदेश में गौ सेवा के नाम पर संचालित अवैध ट्रस्ट एवं चन्दा वसूली के सम्बन्ध में अपना ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी को भेजा, जो कि उत्तराखण्ड सरकार को प्राप्त हो गई।
बताते चले कि उत्तराखण्ड में श्री भूपेन्द्र कोरंगा एक फर्जी ट्रस्ट बिना किसी रजिस्ट्रेशन “”देवभूमि गौ सेवा ट्रस्ट”” के नाम संचालित कर रहे थे और इस ट्रस्ट की रसीद छपवा कर जनसामान्य से धन वसूली कर रहे थे, इसके अतिरिक्त बिना शासन – प्रशासन को सूचित किये वह आवारा गौ वंश को अपनी अवैध हिरासत में रखते थे जिसका विडिओ वह शेयर करते थे, लेकिन बाद में उन आवारा गौ वंश का क्या हुआ इसकी कोई जानकारी वह किसी को उपलब्ध नहीं कराते थे।
माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश श्री राजीव शर्मा और जस्टिस श्री मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने ख़ुद को गाय का संरक्षक / गाय और तमाम आवारा पशुओं का कानूनी अभिभावक घोषित किया हैं।
राष्ट्रीय सूचनाधिकार मानवाधिकार एवं पर्यावरण संगठन (Regd) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री आस्था माथुर ने श्री भूपेन्द्र कोरंगा के कानून विरोधी कार्यो की सूचना राष्ट्रपति महोदय, प्रधानमंत्री महोदय, मुख्य्मंत्री उत्तराखण्ड, गौ सेवा आयोग उत्तराखण्ड, जिलाधिकारी / पुलिस अधीक्षक बागेश्वर को दी है।
श्री भूपेन्द्र कोरंगा पुत्र श्री गोविन्द सिंह के पास गौ सरंक्षण का किसी भी विभाग से जारी आई डी कार्ड / पहचान पत्र भी नहीं हैं।
श्री भूपेन्द्र कोरंगा, उत्तराखण्ड DGP का नाम लेकर क्षति पहुंचाने की पहले भी धमकी सुश्री आस्था माथुर को दे चुके है।

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