कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते बच्चों की पढ़ने की क्षमता पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों का सरकार सर्वें कराना चाहती है, जिससे कमजोर बच्चों का आकलन किया जा सके। मप्र लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से इन दिनों 126 स्कूलों में छात्र-छात्राओं का बेस लाइन टेस्ट लिया जा रहा है। लेकिन इस परीक्षा में सभी प्रश्न पत्रों की आंसर सीट पहले से ही इंटरनेट मीडिया (यूट्यूब) पर अपलोड हो चुकी है। शिक्षा विभाग के अफसरों का मानना है कि परीक्षा का कोई महत्व नहीं बचा है। विभाग ने इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय को भी अवगत कराया है। आरोन से अनिल बुनकर की रिपोर्ट

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