केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने आज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 38वीं राष्ट्रीय पुलिस प्रशिक्षण संगोष्ठी का उद्घाटन किया

BPR&D द्वारा आयोजित दो दिन की इस संगोष्ठी का विषय ‘पुलिस प्रशिक्षण में उत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करना’ है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के SMART पुलिसिंग की संकल्पना में पुलिस को सख्त और संवेदनशील, आधुनिक और गतिशील, सतर्क और जिम्मेदार, विश्वसनीय और उत्तरदायी तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं प्रशिक्षण से युक्त होना है
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी का मानना है कि यदि आन्तरिक सुरक्षा को मजबूत करना है तो पुलिस को Modernize करना, सक्षम बनाने के लिए trained करना, अच्छी Technology से लैस करना और उसकी सहायता के लिए एक अच्छा सिस्टम बनाना पड़ेगा
श्री नित्यानंद राय ने कहा कि अब पुलिस से आम आदमी की उम्मीदें कई गुना बढ़ गई हैं और इन्हें पूरा करने के लिए पुलिसकर्मियों को अच्छी तरह से प्रशिक्षित,सॉफ्ट स्किल्स से युक्त और तकनीकी रूप से मजबूत होना चाहिए

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने आज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 38वीं राष्ट्रीय पुलिस प्रशिक्षण संगोष्ठी का उद्घाटन किया। दो दिन की इस संगोष्ठी का आयोजन पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने किया है। उद्घाटन सत्र में BPR&D के महानिदेशक श्री बालाजी श्रीवास्तव और देश के विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और केन्द्रीय पुलिस संगठनो (CPOs) के प्रशिक्षण प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह संगोष्ठी देश के विभिन्न पुलिस संस्थानों को पुलिस प्रशिक्षण, उसकी कार्यप्रणाली और परिणामों के मूल्यांकन पर विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगी। संगोष्ठी का उद्देश्य देश के पुलिसबलों की क्षमता निर्माण के लिए नए विचारों एवं प्रासंगिक विषयों का सृजन करना हैl इस वर्ष की संगोष्ठी का विषय है – पुलिस प्रशिक्षण में उत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करना’। उन्होंने कहा कि यह विषय बहुत ही प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है क्योंकि कोई भी पुलिस संस्थान, चाहे वह राज्यों अथवा केंद्र से सम्बंधित हो, अपनी Best practices के बल पर ही एक बेहतर मुकाम हासिल कर पाता है। ऐसे में विभिन्न संगठनो की उत्तम कार्यप्रणालियों को अपना कर देश के पुलिस संगठन अपने आपको और मजबूत बना पाएंगे l

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के SMART पुलिसिंग की संकल्पना में पुलिस को सख्त और संवेदनशील, आधुनिक और गतिशील, सतर्क और जिम्मेदार, विश्वसनीय और उत्तरदायी तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं प्रशिक्षण से युक्त होना है। इन तत्वों को आत्मसात करके ही पुलिस अपने आपको दक्ष, सफल एवं विश्वसनीय बना सकती है।

श्री नित्यानंद राय ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी देश की आन्तरिक सुरक्षा की मजबूती को देश के विकास के साथ जोड़कर देखते हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री जी का मानना है कि यदि आन्तरिक सुरक्षा को मजबूत करना है तो पुलिस को Modernize करना, सक्षम बनाने के लिए trained करना, अच्छी Technology से लैस करना और उसकी सहायता के लिए एक अच्छा सिस्टम बनाना पड़ेगा। यह सिस्टम और रणनीति सातत्यपूर्ण होनी चाहिए।

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि अब पुलिस से आम आदमी की उम्मीदें कई गुना बढ़ गई हैं और इन्हें पूरा करने के लिए पुलिसकर्मियों को अच्छी तरह से प्रशिक्षित,सॉफ्ट स्किल्स से युक्त और तकनीकी रूप से मजबूत होना चाहिए। यह आधुनिक समय में पुलिस बल की मांग है और इन क्षमताओं के न होने से संकट के समय में कार्मिक बेहतर प्रदर्शन करने में विफल रहता है। विभिन्न स्तरों पर तैनात सभी पुलिस कर्मियों को पर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान करना राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक हित में है और हमें अपनी इस प्रतिबद्धता को पूरे मनोयोग से क्रियान्वित करना चाहिए। उन्होने कहा कि देश भर में लगभग 300 पुलिस प्रशिक्षण संस्थान पुलिसबलों के प्रशिक्षण के कार्य में लगे हुए हैंl

श्री नित्यानंद राय ने इस अवसर पर पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों की निर्देशिका के दूसरे संस्करण का विमोचन भी किया। उन्होने कहा कि इस निर्देशिका का महत्व इस तथ्य में निहित है कि डेटा की उपलब्धता साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में मदद करती है। यह राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, केंद्रीय पुलिस संगठनों के सभी पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के संसाधनों, सुविधाओं और विशेषज्ञता की नेटवर्किंग के माध्यम से साझा करने के लिए प्रशिक्षण संस्थानों के मध्य वास्तविक समय (real-time) आधारित संवाद की सुविधा प्रदान करेगी।

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने बीपीआरएंडडी से भारतीय पुलिस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नोडल एजेंसी के रूप में अपने प्रयासों को जारी रखने और पुलिसिंग क्षेत्र में उत्तम कार्यप्रणालियों एवं मानकों को प्रोत्साहन देने का आग्रह किया। उन्होंने 38वीं  राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रतिभागियों से भी आग्रह करते हुए कहा कि वे पुलिस प्रशिक्षण के जटिल मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए इस मंच का प्रभावी रूप से उपयोग करें, जिससे सरकार इन मुद्दों को अनुभवजन्य मानकों के आधार पर हल कर सके। संगोष्ठी में भाग ले रहे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों द्वारा प्रशिक्षण संसाधनों का किस प्रकार बेहतर उपयोग किया जाए, इस पर गहन मंथन कर प्रधानमंत्री जी के स्मार्ट पुलिसिंग के विज़न को साकार किया जा सकता है।

Leave a Reply