शिकायत निराकरण में प्रदेश में अंतिम स्थान पर राजगढ़ कलेक्टर ने किए नोटिस जारी

DG NEWS RAJGARH

राजगढ़ से कल्पना कीर की रिपोर्ट

राजगढ़ । विभिन्ना प्रकार की शिकायतों के निराकरण करने में जलसंसाधन विभाग के एक कार्यपालन यंत्री का मप्र में अंतिम स्थान है। वह 131 शिकायतों का निराकरण नहीं कर सके। ऐसे में उन्हें नोटिस जारी किया है। इसके अलावा अलग-अलग शिकातयों के निराकरण नहीं करने पर एसडीएम, जनपद सीईओ व मंडी सचिव सहित जिले के सात अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक सोमवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह कलेक्ट्रेट में टीएल बैठक के दौरान समीक्षा कर रहे थे। ऐसे में समीक्षा के दौरान सामने आया कि शिकायतों के निराकरण में कार्यपालनयंत्री जल संसाधन एसके जैन काफी फिसडडी है। उनका नंबर पूरे प्रदेश में अंतिम है। 131 शिकातयों का वह निराकरण नहीं कर सके। इतना ही नहीं शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट करने का भी उनका प्रतिशत महज 1.2 है। ऐसे में कलेक्टर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश प्रदान किए हैं। इसके अलावा बैठक के दौरान समीक्षा में जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर शिथिलता बरतने पर खिलचीपुर एसडीएम प्रतापसिंह चौहान, सीईओ जनपद खिलचीपुर एवं ब्यावरा जनपद पंचायत सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा मण्डी सचिव ब्यावरा, जिला रोजगार अधिकारी खादय निरीक्षक को बैठक में अनुपस्थित पाए जाने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया। उन्होने हिदायत दी कि अधिकारी आवश्यक रूप से बैठकों में उपस्थित रहे और जो भी कार्य सौंपे जाए उन्हे जिम्मेदारी से समय सीमा में करें। इसके पहले भी कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण नहीं करने पर बड़ी संख्या में अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। साथ में स्वयं ने भी स्वयं पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया था।

गौशालाओं की जमीनों से हटाए अतिक्रमण

कलेक्टर ने जिले की सभी गोशालाओं में जहां जहां अतिक्रमण हो उन्हें एसडीएम तत्काल हटवाए। इसी क्रम में उन्होंने विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री को लम्बित शिकायतों को ऑनलाईन दर्ज करने संबंधी निर्देश दिए। कलेक्टर ने खाद्यान्ना का वितरण समय पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने जीरापुर और खिलचीपुर में विलम्ब पर नाराजगी प्रकट की। कलेक्टर ने नवीन मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कार्यवाही तेज करने के तहसीलदार व एसडीएम को निर्देश दिए। उन्होने नगर पालिका राजगढ़ को निर्देश दिए कि खाद्यान्ना वितरण संबंधी शिकायतों को स्वयं जाकर देखे कि हितग्राही का खाद्यान्ना क्यों बंद हो गया। इसी प्रकार अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए।

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