एलआइसी में आइपीओ लाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोधᅠ

DG NEWS RAJGARH

राजगढ़ से कल्पना कीर की रिपोर्ट

राजगढ़ । केंद्र सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम के आंशिक शेयरों की बिक्री के लिए आईपीओ लाए जाने के फैसले के खिलाफ बीमा कर्मचारियों ने राजगढ़ जिले के सांसद रोडमल नागर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए अपनी समस्याएं बताते हुए होने वाले नुकसान से उन्हें अवगत कराया गया।

आल इंडिया इन्श्योरेंस एम्प्लाईज एसोसिएशन की ओर से भोपाल मंडल के बीमा कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम देश का सबसे बड़ा वित्तीय संस्थान है, जिसका निर्माण 1 सितंबर 1956 को 245 निजी बीमा कंपनियों के राष्ट्रीयकरण से हुआ था। यह निजी बीमा कंपनियां बीमा धारकों से धोखाधड़ी तथा दावों के भुगतान में गडबडियों के लिए कुख्यात थीं। भारतीय जीवन बीमा निगम के वर्तमान में 40 करोड़ से अधिक बीमा धारक हैं तथा जिस की परिसंपत्तियों का मूल्य 32 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। अभी निगम पर सरकार का शतप्रतिशत नियंत्रण है। बीमा कर्मचारियों का कहना है कि आईपीओ लाने से इन बीमा धारकों के हितों को नुकसान होगा। अभी निगम देश के विकास और योजनाओं में सबसे बडा निवेशक है। निगम जनता की बचत और सुरक्षा के साथ ही जनता के हित और विकास मे निवेश करता है। यह देश की जनता को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने वाला सबसे बड़ा राष्ट्रीय कृत बीमा संस्थान है। आईपीओ आने से इन सब बातों पर नकारात्मक प्रभाव होगा। अभी जनता का धन जनता के हित मे उपयोग हो रहा है, आईपीओ के बादचंद औद्योगिक घरानों के निजी हितों मे उपयोग का खतरा है। इस अवसर पर यूनियन की ब्यावरा इकाई के अध्यक्ष दिनेश शर्मा सहित अन्य कर्मचारी उपिस्थत थे।

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