24 घण्टे के भीतर पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा

DG NEWS RAJGARH

राजगढ़ से कल्पना कीर की रिपोर्ट

राजगढ़ ब्यावरा । सिटी थाना अंतर्गत ग्राम कोड़ियाखेड़ी में हुए एक हत्याकांड का पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश किया गया है। बुधवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में पूरे कांड की पुलिस द्वारा जानकारी दी गयी। पुलिस ने बताया कि दूसरी पत्नी को खुश करने के लिए पिता ने ही अपने 15 वर्षीय नाबालिग बेटे की 29 मार्च 2021 को हत्या कर उसे जला दिया था। नाबालिग की मां ममताबाई लववंशी निवासी गांगाहोनी ने 30 मार्च को इसकी सूचना पुलिस को दी थी । पुलिस द्वारा हत्या में शामिल पिता पर्वत सिंह लोधा(37), उसकी वर्तमान पत्नी ममताबाई (26) एवं चचेरा भाई जितेन्द्र (20) सर्व निवासी ग्राम कोड़ियाखेड़ी को गिरफ्तार किया जाकर उनके विरूद्ध मामला दर्ज कर कोर्ट पेश किया।

इस पूरे मामले की जांच करने के बाद पुलिस ने बताया कि कोड़ियाखेड़ी निवासी पर्वत सिंह ने अपनी पहली पत्नी ममता बाई लववंशी को छोड़कर एक अन्य महिला जिसका नाम भी ममता बाई है से दूसरा विवाह कर लिया था। पहली पत्नी से उसे एक 15 वर्षीय पुत्र अरुण था जो अपने पिता व सौतेली मां के साथ गांव में ही रहता था। उसकी दूसरी पत्नी अरुण से नाराज रहा करती थी । अरुण को लेकर दोनों पति पत्नियों में अक्सर विवाद होने लगा था । पर्वत व अरुण की सौतेली मां ममताबाई अरुण के साथ आये दिन मारपीट करते थे। परिवार से दूर करने के लिये पिछले साल अरुण को हॉस्टल में भी रखा गया था। कुछ समय पूर्व अरुण के साथ मारपीट करके उसे पडोनिया के आश्रम में भी रहने के लिये छोड़ दिया था कुछ दिन बाद आश्रम वालों के समझाने पर पर्वत सिंह अरुण को फिर से घर ले आया था। लेकिन घटना के 20 दिन पहले लड़के की सौतेली मां घर यह कहकर छोड़कर गांव बिजावन चली गयी कि घर में या तो मैं रहूंगी या अरुण रहेगा। इस बात को लेकर पर्वत परेशान रहने लगा और पर्वत ने अपनी वर्तमान पत्नी ममता को खुश करने के लिये अपने ही बेटे अरुण को मौत के घाट उतारने की योजना बना डाली और दिनांक 28 मार्च 2021 को होली के दिन जब पूरा गांव होली त्यौहार मनाने एवं होलिका दहन की पूजा में व्यस्त था तो पर्वत ने मौका पाकर घटना को अंजाम दे डाला। 28 मार्च 2021 को पर्वत ब्यावरा काम पर आने के बाद शाम को घर पहुंचा और अपने बेटे अरुण को अकेला देखकर खेत पर ले आया वहीं पर्वत के मन में हिंसा जाग गई और उसने सारी हदें पार कर नाबालिक बच्चे का गला दबाकर उसकी हत्या कर डाली और अपनी वर्तमान पत्नी को फोन लगाकर बताया कि मैंने तुम्हारे रास्ते का कांटा साफ कर दिया है। घटना को छुपाने के लिये पर्वत ने अपने चचेरे भाई जितेन्द्र को फोन लगाकर घटना की पूरी बात बतायी और साक्ष्य मिटाने के लिये सुबह जल्दी अरुण का अंतिम संस्कार करने की योजना बनायी और अपने बेटे अरुण की हत्या कर पुलिस को गुमराह करने के लिये चौबे लॉज ब्यावरा में आकर रूका। सुबह उठकर जितेन्द्र को फोन लगाकर लोगों को व रिश्तेदारों को अरुण को खेत में मरे पड़े होने की सूचना देकर गुमराह किया लोगों के खेत में पहुंचने के बाद पीछे से पहुंचकर जितेन्द्र के साथ मिलकर अरुण का अंतिम संस्कार कर दिया।

भारतेन्दु शर्मा द्वारा मामले में शीघ्र जांच के निर्देश दिए । इस पर ब्यावरा थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर एवं उनकी टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुये मृतक के गांव कोड़ियाखेड़ी पहुंचकर तफ्तीश शुरू की । मामले में राजगढ़ से फारेंसिक टीम एवं साइवर एक्सपर्ट को बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया गया एवं घटनास्थल पर व आसपास के लोगों सहित पर्वत के अन्य रिश्तेदारों से घटना के बारे में सघन पूछताछ की गयी। विवेचना में आये छोटे छोटे बिन्दुओं एवं कड़ियों को जोड़कर पर्वत लववंशी से पूछताछ की गयी तो पाया गया कि पर्वत सिंह ने 15 वर्ष पहले ममताबाई निवासी गांगाहोनी से विवाह किया था जिससे उसकी एक संतान अरुण हुयी थी। पति पत्नी में विवाद हो जाने से दोनों अलग अलग रहने लगे थे परन्तु अरुण अपने पिता पर्वत सिंह के साथ ही रहता था। कुछ समय बाद पर्वत सिंह ने बिजावन की रहने वाली ममताबाई से शादी कर ली जिससे उसके दो बच्चे आरती उम्र 7 साल व अर्नव उम्र 5 साल का हुआ। जैसे जैसे बच्चे बड़े होने लगे ममताबाई की नजरों में पर्वत का पहला लड़का अरुण खटकने लगा और अपनी पत्नी को खुश रखने के लिए बेठे को रास्ते से हटा दिया। इस पूरे प्रकरण में सिटी थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर सहित एसआई विष्णु मीणा, एसआई संध्या रघुवंशी, एएसआई एलएस भाटी, युधिष्ठिर शर्मा, श्यामलाल ध्रवे, प्रधान आरक्षक मांगीलाल लोधा, विक्रम प्रसाद, नरेन्द्र सिंह परमार, संजय बाथम, आरक्षक देशराज मीणा, प्रशान्त दुबे, रूप सिंह, चंदन सिंह, कुलदीप मीणा, महिला आरक्षक निहारिका पाराशर, चांदनी राजावत, फोरेसिंक टीम व साइबर टीम से निरीक्षक प्रकाश पटेल, रवि कुशवाह, प्रदीप शर्मा एवं पवन मीणा का विशेष योगदान रहा।

Leave a Reply