400 मेडिकल संचालकों को देना होगा सर्दी, खांसी वालों का डाटा, सर्वे शुरू

DG NEWS RAJGARH

राजगढ़ से कल्पना कीर की रिपोर्ट

राजगढ़। जिले में कोविड के बढते केसों के बीच में अब पॉजिटिवों की संख्या पर नियंत्रण करने व सख्ती बरतने के लिए यह तय किया गया है कि हर मेडिकल स्टोर्स के संचालक को प्रतिदिन सर्दी-खांसी की दवा ले जाने वालों का रिकार्ड प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा। जबकि उधर नगरीय व ग्रामीण अंचल में सर्दी-खांसी से पीडित मरीजों का सर्वे बुधवार से शुरू हो गया, जो पांच दिन में पूरा करना होगा।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों कई ऐसे मरीज हैं जो सर्दी-खांसी व बुखार से पीडित होने के बावजूद साधारण तरीके से बिना किसी डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर्स से दवा ले जाकर खा रहे हैं। साथ ही वह सेंपलिंग भी नहीं करा रहे हैं। ऐसे में उनके पॉजिटिव होने पर वह कई लोगों को संक्रमित कर रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए जिले के करीब 400 पंजीकृत दवा दुकानों के संचालकों को प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि हर दिन शाम को प्रशासन व स्वास्थ्य विभा को यह डाटा उपलब्ध कराना होगा कि कौन-कौन सर्दी-खांसी व बुखार की दवा लेकर गए हैं व किसके लिए लेकर गए हैं। उसके आधार पर फिर संबंधित मरीजों को तलाशते हुए उनकी स्थिति देखकर उन्हें क्वारंटाइन करने या भर्ती करने के इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बैठक कर अमले को जरूरी निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ यस यदु, कोविड-19 प्रभारी डॉ महेंद्र पाल सिंह, सीईओ जनपद महावीर जाटव, ड्रग इंस्पेक्टर शशांक रजक, महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमती सुनीता यादव मौजूद रही। जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा विकास खंड चिकित्सा अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

गांव गांव में सर्वे सुरु पांच दिन में सभी की स्क्रीनिंग

संक्रमण की भयावहता को देखते हुए प्रशासन द्वारा गांव-गांव में सर्वे शुरू करवा दिया है। जिसके तहत हर गांव में आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं से सर्वे कराया जा रहा है, जबकि नगरीय क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की डयूटी लगाई गई है। उनके द्वारा पांच दिन के भीतर गांवों व नगरों में ऐसे मरीजों को तलाशा जाएगा जो सर्दी-खांसी या बुखार से पीड़ित है। उनकी स्थिति का आंकलन किया जाएगा। यदि स्थिति गंभीर नजर आती है तो उनका कोविड टेस्ट कराने के साथ ही उनको अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा। सामान्य स्थति रहने पर आइसोलेट करवाया जाएगा। इसके लिए पांच दिन में उन्हें पूरे जिले का सर्वे करना होगा, ताकि पूरी तरह से यह सामने आ सके कि आखिर जिले में कितने लोग सर्दी-खांसी व बुखर से पीडित हैं।

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